मुंबई, (ईएमएस)। महाराष्ट्र सरकार की “लाडली बहन” योजना में बड़ी संख्या में महिलाओं को अपात्र घोषित किया गया है। ई-केवाईसी के लिए दी गई तीसरी और अंतिम तारीख 30 अप्रैल को समाप्त हो गई, जिसके बाद यह आंकड़े सामने आए। बताया गया है कि कुल 2 करोड़ 43 लाख महिलाओं ने इस योजना के लिए आवेदन किया था। सख्त जांच और सत्यापन के बाद 54 लाख महिलाएं अपात्र पाई गईं। अब 1 करोड़ 89 लाख महिलाएं ही पात्र रह गई हैं। सरकार ने जून 2024 में यह योजना शुरू की थी। चुनाव के बाद जब गहन जांच हुई, तो कई ऐसे मामले सामने आए जहां लोग पात्रता के बिना ही लाभ ले रहे थे। इनमें 2,652 सरकारी महिला कर्मचारियों ने भी गलत तरीके से योजना का लाभ लिया। उनके खिलाफ अब कार्रवाई होगी। जबकि 6,457 महिलाओं से अब तक 11 करोड़ रुपये वसूले जा चुके हैं। वहीं 12,000 से अधिक पुरुषों ने भी गलत तरीके से आवेदन कर लाभ लिया। सरकार ऐसे मामलों से कुल 165 करोड़ रुपये वसूलने की तैयारी में है। अब सरकार का कहना है कि सख्त जांच और ई-केवाईसी के बाद आगे से केवल जरूरतमंद महिलाओं को ही इस योजना का लाभ मिलेगा। बहरहाल आबय यहां सबसे बड़ा सवाल ये है कि अब तक जो सरकारी पैसे का गलत इस्तेमाल हुआ, उसकी जिम्मेदारी किसकी है ? - ०२ मई/२०२६/ईएमएस