फिरोजाबाद(ईएमएस) नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में अदालत ने सख्त फैसला सुनाते हुए आरोपी को 12 वर्ष के कठोर कारावास की सजा दी है। इसके साथ ही न्यायालय ने आरोपी पर 1.5 लाख रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। जुर्माना अदा न करने की स्थिति में उसे अतिरिक्त 2 वर्ष का कारावास भुगतना होगा। यह मामला थाना मक्खनपुर क्षेत्र का है, जहां 6 जनवरी 2024 को एक नाबालिग लड़की को बहला-फुसलाकर ले जाने की घटना सामने आई थी। परिजनों की तहरीर पर 9 जनवरी 2024 को थाना मक्खनपुर में मुकदमा दर्ज किया गया। शुरुआती धाराओं में अपहरण से संबंधित प्रावधान शामिल थे, लेकिन विवेचना के दौरान साक्ष्यों और मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर मामले में दुष्कर्म, पॉक्सो एक्ट और अन्य गंभीर धाराएं जोड़ दी गईं। मामले की विवेचना क्षेत्राधिकारी प्रवीण कुमार तिवारी द्वारा की गई। पुलिस ने तेजी दिखाते हुए महज 40 दिनों के भीतर, 19 फरवरी 2024 को आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल कर दिया, जो इस केस में अहम साबित हुआ। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आदित्य लांग्हे के निर्देशन में इस प्रकरण के खुलासे और साक्ष्य संकलन के लिए एसओजी और सर्विलांस टीम समेत दो पुलिस टीमों का गठन किया गया था। इन टीमों ने प्रभावी ढंग से जांच करते हुए केस को मजबूत बनाया। अदालत में पुलिस और अभियोजन पक्ष की सशक्त पैरवी के चलते 2 मई 2026 को न्यायालय ने आरोपी वसीम पुत्र साविर, निवासी नई बस्ती, नवादा (मक्खनपुर) को दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई। यह कार्रवाई उत्तर प्रदेश सरकार के “ऑपरेशन कन्विक्शन” अभियान के तहत की गई, जिसमें गंभीर अपराधों में त्वरित विवेचना और प्रभावी पैरवी पर विशेष जोर दिया जा रहा है। इनकी रही अहम भूमिका इस मामले में थाना मक्खनपुर पुलिस टीम, विवेचक क्षेत्राधिकारी प्रवीण कुमार तिवारी, पीठासीन अधिकारी करुणा सिंह, अभियोजक संजीव शर्मा, पुलिस मॉनिटरिंग सेल और पैरोकार कांस्टेबल मनमोहन सिंह की अहम भूमिका रही। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, इस फैसले से यह संदेश जाता है कि महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराध करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा और उन्हें कानून के तहत कड़ी सजा दिलाई जाएगी। ए. शर्मा फिरोजाबाद