क्षेत्रीय
02-May-2026
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- नगर निगम के द्वारा लिया गया स्वच्छता का संकल्प जबलपुर (ईएमएस)। संस्कारधानी की जीवनदायिनी मां नर्मदा का पावन तट गौरीघाट अब एक नई पहचान की ओर अग्रसर है। निगमायुक्त राम प्रकाश अहिरवार के मार्गदर्शन में किए गए विशेष प्रयासों से गौरीघाट न केवल स्वच्छता के लिए बल्कि मानवीय दृष्टिकोण से भिक्षावृति मुक्त होने की दिशा में भी बड़ी सफलता हासिल की है। नगर निगम के सर्वेक्षण में चिन्हित कुल 367 भिक्षुओं में से 85 प्रतिशत को सफलतापूर्वक अन्यत्र शिफ्ट कर दिया गया है। यह पुनर्वास की एक सकारात्मक पहल है। शेष भिक्षुओं के लिए योजना आयुक्त ने स्पष्ट किया है कि बचे हुए भिक्षुओं को भी जल्द ही यहां से अलग कर समाज की मुख्यधारा और आजीविका से जोड़ने का प्रयास जारी है, ताकि वे स्वाभिमान के साथ अपना जीवन यापन कर सकें। स्वच्छता प्रहरी की भूमिका में नजर आयेगें दुकानदार......... निरीक्षण के दौरान निगमायुक्त ने मां नर्मदा के तट पर स्वच्छता व्यवस्था की गहन समीक्षा की। उन्होंने सभी दुकानदारों से सीधा संवाद कर फीडबैक लिया और एक अनूठी पहल की शुरुआत की गौरीघाट के प्रत्येक दुकानदार अब स्वच्छता प्रहरी के रूप में कार्य करेंगे। वे न केवल अपनी दुकान के पास सफाई रखेंगे, बल्कि आने वाले श्रद्धालुओं को भी कचरा न फैलाने और मां नर्मदा को स्वच्छ रखने के लिए प्रेरित करेंगे। सुनील साहू / मोनिका / 02 मई 2026