अलीगढ़ (ईएमएस)। गर्मी के मौसम में तरबूज, खरबूजा, आम, ककड़ी समेत मौसमी फलों की बढ़ती मांग को देखते हुए आमजन के स्वास्थ्य संरक्षण के लिए खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन ने शनिवार को शहर में सड़क किनारे संचालित फल दुकानों एवं फल मंडियों पर सघन अभियान चलाया। औचक निरीक्षण के दौरान टीम ने विभिन्न स्थानों पर फलों की गुणवत्ता की जांच की। राहत की बात यह रही कि जांच के दौरान कहीं भी कृत्रिम रूप से पकाए गए अथवा लाल किए गए संदिग्ध तरबूज नहीं पाए गए। हालांकि निरीक्षण में लगभग 22 किलोग्राम कटे-फटे आम खुले में मक्खियों और धूल के संपर्क में बिक्री के लिए रखे मिले, जिन्हें तत्काल मौके पर नष्ट कराया गया। इसके साथ ही 35 किलोग्राम सड़े-गले खरबूजे भी बरामद हुए, जिन्हें खाद्य सुरक्षा टीम ने नष्ट कराते हुए संबंधित विक्रेताओं को कड़ी चेतावनी दी। एफएसडीए अधिकारियों ने फल विक्रेताओं को स्पष्ट निर्देश दिए कि फलों को कैल्शियम कार्बाइड जैसे रसायनों से कृत्रिम रूप से पकाना खाद्य सुरक्षा अधिनियम की धारा-59 के तहत दंडनीय अपराध है, जिसमें 6 माह से 3 वर्ष तक की सजा और 5 लाख रुपये तक जुर्माने का प्रावधान है। टीम ने विक्रेताओं को यह भी निर्देशित किया कि कटे हुए फलों की खुले में बिक्री न करें तथा फलों को धूल, गंदगी और मक्खियों से बचाने के लिए जाली या कांच के बॉक्स में सुरक्षित ढंग से रखें। जनहित में अपील करते हुए विभाग ने नागरिकों से कहा है कि अत्यधिक चमकदार, असामान्य रूप से जल्दी पके हुए या कटे-फटे फल खरीदने से बचें। किसी भी प्रकार की खाद्य संबंधी शिकायत के लिए उपभोक्ता टोल फ्री नंबर 1800-180-5533 या एफएसएसएआई के फूड सेफ्टी कॉन्टेक्ट ऐप के माध्यम से शिकायत दर्ज करा सकते हैं। यह अभियान आगे भी जारी रहेगा, ताकि आमजन को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध कराई जा सके। ईएमएस/धर्मेन्द्र राघव/ 02 मई 2026