-गोताखोरों ने 10वीं लाश निकाली, सेना के साथ एनडीआरएफ और एसडीआरएफ जवान सर्चिंग में जुटे जबलपुर(ईएमएस)। जबलपुर में क्रूज हादसे के 3 दिन बाद भी लापता 3 लोगों का कोई सुराग नहीं लगा। बरगी डैम में लापता चार लोगों की तलाश के लिए शनिवार सुबह करीब 7 बजे से सर्चिंग फिर शुरू की गई। शाम को गोताखोरों ने 10वीं लाश निकाली। सेना के साथ एनडीआरएफ-एसडीआरएफ वोट से सर्चिंग कर रही है। तेज हवा और डैम में उठ रही लहरों के कारण रेस्क्यू में समस्या आ रही है। मौके पर पुलिस प्रशासन के अधिकारी मौजूद हैं। सर्चिंग टीम ने लापता लोगों की तलाश के लिए दायरा बढ़ा दिया है। एसडीओपी अंजुल अयंक मिश्रा ने बताया कि बीच-बीच में सर्चिंग कुछ देर के लिए रोकी जाती है। छोटी वोट होने के कारण तेज हवा में रेस्क्यू अभियान संभलकर चलाना पड़ रहा है। हादसे को हुए 48 घंटे से ज्यादा हो चुके हैं। अब भी 3 लोगों की बॉडी नहीं मिली है। अब तक 9 लोगों के शवों को निकाला जा चुका हैं। 28 लोगों को सही सलामत बचाया गया है। वहीं चार लोग अभी भी लापता है, जिनका कोई सुराग नहीं मिल रहा है। आपको बता दें कि जबलपुर के बरगी डैम में 30 अप्रैल को ऐसा वाक्या हुआ, जिसने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया। दरअसल, हर दिन की तरह गुरुवार की शाम सैलानी डबल डेकर क्रूज पर बैठकर आनंद ले रहे थे। इस बीच अचानक तेज हवा और आंधी चलने लगी, जिससे क्रूज डगमगाने लगा और देखते ही देखते पानी में डूबने लगा। हादसे के बाद चीख पुकार मच गई। इसके पहले संभल पाते कि क्रूज पर सवार सैलानी एक-एक कर डूबने लगे। डैम में लोगों को डूबता देख वहां मौजूद लोगों ने बचाने की कोशिश की। अब तक 9 लोगों के शव बरामद हुए है, जिनमें 7 महिलाएं और एक बच्चा भी है। वहीं 4 लापता लोगों की खोजबीन की जा रही है। जहां क्रूज डूबा वहां मगरमच्छ नहीं देखे गए मध्य प्रदेश टूरिज्म अधिकारियों ने कहा कि घटना स्थल पूरी तरह पथरीला है, इसलिए यहां मगरमच्छ नहीं देखे गए हैं, क्योंकि वे आमतौर पर कीचड़ वाले स्थान पर रहते हैं। बरगी बांध में मगरमच्छ हो सकते हैं, लेकिन वे घटनास्थल से कई किलोमीटर दूर हैं। जहां क्रूज डूबा, वहां पहले कभी मगरमच्छ नहीं देखे गए और न ही स्थानीय लोगों ने ऐसा सुना है। विनोद उपाध्याय / 02 मई, 2026