आम आदमी पार्टी उत्तराखंड की निवर्तमान उपाध्यक्ष उमा सिसोदिया ने की पत्रकारों से वार्ता देहरादून (ईएमएस)। आम आदमी पार्टी उत्तराखंड की निवर्तमान उपाध्यक्ष उमा सिसोदिया ने कहा है कि यूसीसी की तर्ज पर प्रदेश में महिला आरक्षण को तत्काल लागू किया जाए। उन्होंने कहा कि महिला आरक्षण को लेकर केंद्र से लेकर राज्यों तक जो गहमा गहमी का माहौल बीजेपी के माध्यम से बनाया जा रहा है और परिसीमन बिल को महिला आरक्षण बता कर देश की महिलाओं व जनता को गुमराह किया जा रहा है। यहां परेड ग्राउंड स्थित उत्तरांचल प्रेस क्लब में पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी का कहना है कि भाजपा जनता को मूर्ख बनना बंद करे क्योंकि नारी शक्ति वंदन अधिनियम हकीकत नहीं भाजपा ने जनता से छलावा किया है, जिसे सहन नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि विगत दिनों केंद्र की भाजपा सरकार द्वारा लाया गया नारी वंदन अधिनियम 2026 जो बहुमत न होने के कारण सदन में गिर गया। उन्होंने कहा कि जिसका आरोप भाजपा विपक्ष पर लगा कर खूब राजनीतिक रोटियां सेक रही है। उन्होंने कहा कि सवाल यह उठता है क्या यह बिल सच में महिला आरक्षण बिल था या महिला आरक्षण की आड़ में परिसीमन करना था। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार को यह स्पष्ट करना चाहिए कि यह नौटंकी क्या थी। सिसोदिया ने कहा है कि यह महिला आरक्षण बिल था तो 2023 में जो कानून बना वह क्या था। यदि केंद्र सरकार असल में महिला हितैषी है और महिलाओं को मुख्य धारा में लाना चाहती है। इस अवसर पर दीप्ति रावत ने कहा है कि लोकसभा या देश में जहां जहां भारतीय जनता पार्टी की सरकार है महिलाओं को उनका 33 प्रतिशत आरक्षण जल्द दिया जाए। रावत ने कहा है कि प्रधानमंत्री ने राष्ट्रीय स्तर पर यह कहना कि विपक्ष महिला आरक्षण का विरोध कर रहा है, पूरी तरह से झूठ और भ्रामक बयान है। उन्होंने कहा कि महिला आरक्षण विधेयक 2023 में संसद के दोनों सदनों से पहले ही पारित हो चुका है, ऐसे में इस तरह की बयानबाजी केवल जनता को भ्रमित करने का प्रयास है। उन्होंने कहा कि यदि बात उत्तराखंड की करें तो मुख्यमंत्री सहित भाजपा महिला मोर्चा ने मशाल रैली निकालना भी जनता को भ्रमित करने जैसा कदम था। उन्होंने कहा कि यदि मुख्यमंत्री इतने महिला हितैषी हैं जितना वह दिखाने का प्रयास कर रहे हैं तो यूसीसी की तर्ज पर उत्तराखंड की महिलाओं को आने वाले 2027 के चुनावों में 33 प्रतिशत आरक्षण दें और उत्तराखंड को महिला आरक्षण देने वाला देश का पहला राज्य घोषित करें। इस अवसर पर अनेक पदाधिकारी मौजूद रहे। शैलेन्द्र नेगी/ईएमएस/02 मई 2026