:: 2360 करोड़ की लागत से 20 किमी लंबाई में विकसित होगा कॉरिडोर; निवेश और रोजगार के खुलेंगे नए द्वार :: इंदौर (ईएमएस)। मध्यप्रदेश को देश का अग्रणी औद्योगिक केंद्र बनाने की दिशा में रविवार, 3 मई को एक बड़ा कदम उठाया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव इन्दौर में महत्वाकांक्षी इन्दौर-पीथमपुर इकोनॉमिक कॉरिडोर के प्रथम चरण का भूमि-पूजन करेंगे। यह परियोजना सुपर कॉरिडोर को पीथमपुर निवेश क्षेत्र से जोड़ते हुए न केवल यातायात को सुगम बनाएगी, बल्कि प्रदेश में अधोसंरचना और शहरी विकास के नए मानक स्थापित करेगी। यह कॉरिडोर इन्दौर एयरपोर्ट के समीप स्थित सुपर कॉरिडोर से पीथमपुर तक एक सुव्यवस्थित औद्योगिक धुरी के रूप में उभरेगा। इसके माध्यम से पीथमपुर की मैन्युफैक्चरिंग इकाइयों, लॉजिस्टिक हब और टेक्सटाइल क्लस्टर्स को सीधे बाजार और परिवहन तंत्र से जोड़ा जाएगा। विशेषज्ञों का मानना है कि इस कॉरिडोर के तैयार होने से उत्पादन और वितरण की प्रक्रिया सरल होगी, जिससे वैश्विक स्तर के निवेशक प्रदेश की ओर आकर्षित होंगे। :: भविष्य की जरूरतों के अनुरूप अधोसंरचना :: परियोजना के अंतर्गत लगभग 20.28 किलोमीटर लंबा मार्ग विकसित किया जा रहा है। 2360 करोड़ रुपये की लागत वाली इस योजना में 1316 हेक्टेयर क्षेत्र के नियोजित विकास का प्रावधान है। मुख्य सड़क 75 मीटर चौड़ी होगी, जिसके दोनों ओर बफर जोन विकसित किया जाएगा। यह गलियारा राष्ट्रीय राजमार्ग-47 और राष्ट्रीय राजमार्ग-52 के बीच एक सेतु का काम करेगा, जिससे औद्योगिक वाहनों का आवागमन निर्बाध हो सकेगा। :: विकास के साथ बढ़ेंगे रोजगार :: मुख्यमंत्री डॉ. यादव की इस पहल से इन्दौर क्षेत्र में संतुलित शहरीकरण को बढ़ावा मिलेगा। औद्योगिक क्लस्टर्स के एकीकरण से हजारों नए रोजगार सृजित होने की संभावना है। भूमि-पूजन कार्यक्रम के दौरान एक शॉर्ट फिल्म के जरिए कॉरिडोर की संभावनाओं और क्षेत्रीय विकास पर पड़ने वाले इसके सकारात्मक प्रभावों को भी प्रदर्शित किया जाएगा। प्रकाश/02 मई 2026