नई दिल्ली (ईएमएस)। देश के रेल इतिहास में शनिवार को एक नया अध्याय जुड़ गया, जब जम्मू से श्रीनगर के बीच वंदे भारत रेल सेवा की पहली व्यावसायिक यात्रा सफलतापूर्वक पूरी हुई। इस ऐतिहासिक यात्रा में पहले ही दिन करीब 3925 यात्रियों ने सफर कर नई सेवा का लाभ उठाया। इस सेवा के शुरू होने से जम्मू-कश्मीर में सीधा रेल संपर्क और अधिक मजबूत हो गया है। इस रेल सेवा का शुभारंभ तीस अप्रैल को रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने किया था। इससे पहले कश्मीर घाटी जाने वाले यात्रियों को कटरा से रेल सेवा लेनी पड़ती थी, लेकिन अब जम्मू से सीधे श्रीनगर तक यात्रा संभव हो गई है। रेल अधिकारियों के अनुसार, पहले दिन जम्मू से श्रीनगर जाने वाली दोनों रेलगाड़ियों में कुल एक हजार नौ सौ पैंतीस यात्रियों ने सफर किया। वहीं वापसी में श्रीनगर से जम्मू आने वाली रेलगाड़ियों में करीब एक हजार नौ सौ नब्बे यात्री यात्रा कर अपने गंतव्य तक पहुंचे। इस तरह पहले ही दिन कुल मिलाकर लगभग चार हजार यात्रियों ने इस सुविधा का लाभ उठाया। यह रेलगाड़ी जम्मू से श्रीनगर की दूरी मात्र चार घंटे पैंतालीस मिनट में तय कर रही है, जिससे यात्रा समय में बड़ी कमी आई है। विशेष बात यह है कि इस रेलगाड़ी में कड़ाके की ठंड और भारी बर्फबारी में भी संचालन के लिए उन्नत तकनीक लगाई गई है। यह सेवा उधमपुर, श्रीनगर और बारामूला रेल परियोजना का हिस्सा है तथा रास्ते में चिनाब नदी पर बने विश्व के सबसे ऊंचे रेल पुल से होकर गुजरती है। इससे पर्यटन, व्यापार और क्षेत्रीय विकास को नई गति मिलने की उम्मीद है। सुबोध/०२-०५-२०२६