मनोरंजन
03-May-2026
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मुंबई (ईएमएस)। कम ही लोग जानते हैं कि बॉलीवुड अभिनेता आमिर खान ने अपनी पहली फिल्म कयामत से कयामत तक की सफलता का जश्न मनाने के लिए खुद मुंबई की बसों और दीवारों पर फिल्म के पोस्टर चिपकाए थे। उस समय आमिर एक आम लड़के की तरह दिखते थे, लेकिन जैसे ही लोगों ने उन्हें स्क्रीन पर देखा, लड़कियां उनकी दीवानी हो गईं। आमिर खान ने चॉकलेट बॉय की इमेज बनाई, जिसने बाद में शाहरुख और सलमान के लिए रास्ता बनाया। साल 1988 एक ऐसा समय था, जब बॉलीवुड में एक्शन से भरपूर और खूनी फिल्मों का बोलबाला था। लोग थिएटर में एंग्री यंग मैन कैरेक्टर देखने के आदी हो गए थे। ऐसे में नासिर हुसैन के बैनर तले एक नए डायरेक्टर मंसूर खान ने एक रिस्क लिया। उन्होंने विलियम शेक्सपियर की रोमियो एंड जूलियट को इंडियन सेटिंग में अडैप्ट किया और दो नए चेहरों (आमिर खान और जूही चावला) को मौका दिया। जब 29 अप्रैल 1988 को कयामत से कयामत तक स्क्रीन पर आई, तो इसने बॉक्स ऑफिस पर ऐसी लहर पैदा की जो दशकों तक चली। आनंद-मिलिंद का म्यूजिक और उदित नारायण की आवाज इस फिल्म की बैकबोन थी। पापा कहते हैं बड़ा नाम करेगा सिर्फ एक गाना नहीं था, यह उस जमाने के हर कॉलेज स्टूडेंट और युवा की पहचान बन गया था। इस एक गाने ने उदित नारायण को घर-घर में मशहूर कर दिया। इसके अलावा, अकेले हैं तो क्या गम है और ऐ मेरे हमसफर जैसे गानों ने फिल्म को एक प्यारी म्यूजिकल लव स्टोरी बना दिया। सिर्फ रुपए 1.2 करोड़ के बजट में बनी इस फिल्म ने उस समय ₹5 करोड़ से ज्यादा की कमाई की, जो आज के हिसाब से सैकड़ों करोड़ के बराबर है। फिल्म ने बेस्ट पॉपुलर फिल्म प्रोवाइडिंग होलसम एंटरटेनमेंट का नेशनल फिल्म अवॉर्ड जीता। इसके अलावा, इसने फिल्मफेयर अवॉर्ड्स में आठ कैटेगरी में अवॉर्ड जीते। यह पहली डेब्यू फिल्म थी, जिसने इतने बड़े पैमाने पर क्रिटिक्स और ऑडियंस दोनों को खुश किया। 1988 से 2026 तक, आमिर खान ने बार-बार खुद को बदला। उन्होंने कभी क्वांटिटी पर नहीं, बल्कि क्वालिटी पर ध्यान दिया। लगान में भुवन के रोल में ऑस्कर तक पहुंचने से लेकर दंगल में महावीर सिंह फोगट के रोल में रुपए 2000 करोड़ कमाने तक, आमिर खान हर दशक में नई ऊंचाइयों पर पहुंचे हैं। उनका स्टारडम कम नहीं हुआ है, क्योंकि उन्होंने समय के साथ अपने एक्टिंग स्टाइल और स्क्रिप्ट की पसंद को बदला है। कयामत से कयामत तक सिर्फ आमिर खान की पहली फिल्म नहीं थी, बल्कि उनके करियर की सबसे बड़ी फिल्म थी। इसने डायरेक्टर्स को सिखाया कि एक अच्छी लव स्टोरी .बड़े स्टार्स के बिना भी सुपरहिट हो सकती है। सुदामा/ईएमएस 03 मई 2026