खेल
03-May-2026
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- केएल राहुल का करियर ‘टेस्ट स्पेशलिस्ट’ से वनडे स्पेशलिस्ट’ तक नई दिल्ली (ईएमएस)। एक अटूट विश्वास पंजाब किंग्स की सह-मालिक प्रीति जिंटा ने साल 2018 में युवा बल्लेबाज केएल राहुल पर दिखाया था, जिसने उनके आईपीएल करियर को पूरी तरह से नया मोड़ दे दिया। उसके बाद उन्होंने पीछे मुडकर नहीं देखा। एक समय ‘टेस्ट स्पेशलिस्ट’ का टैग झेल रहे राहुल के लिए यह दांव किसी संजीवनी से कम नहीं था। केएल राहुल का आईपीएल सफर 2013 में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के साथ 10 लाख रुपये में शुरू हुआ था। इसके बाद वह सनराइजर्स हैदराबाद और फिर से आरसीबी के लिए खेले, लेकिन शुरुआती चार सीजन (2013-2016) में उनका प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा और वह 200 रन का आंकड़ा भी मुश्किल से छू पाते थे। साल 2017 में कंधे की गंभीर चोट ने उन्हें पूरे आईपीएल सीजन से बाहर कर दिया, जिससे लगने लगा कि उनका आईपीएल करियर अब समाप्त हो जाएगा। उनकी टेस्ट क्रिकेट में शानदार तकनीक और शतकों ने उन्हें ‘टेस्ट स्पेशलिस्ट’ का टैग दिया था, जबकि टी20 में वह अपनी छाप छोड़ने में नाकामयाब रहे थे। लेकिन यहीं पर प्रीति जिंटा और पंजाब किंग्स (तब किंग्स इलेवन पंजाब) ने राहुल के जीवन में एक फरिश्ता बनकर एंट्री ली। 2018 की नीलामी में, पंजाब ने इस ‘टेस्ट स्पेशलिस्ट’ पर 11 करोड़ रुपये का बड़ा दांव खेला। इस फैसले को लेकर क्रिकेट गलियारों में काफी आलोचना हुई, लोगों ने प्रीति जिंटा को टी20 बल्लेबाज पर इतनी बड़ी रकम खर्च करने के लिए ट्रोल किया। हालांकि, टूर्नामेंट शुरू होते ही सारी आलोचनाएं थम गईं। आर अश्विन की कप्तानी में पंजाब किंग्स के लिए अपने पहले ही मैच में केएल राहुल ने सिर्फ 14 गेंदों पर अर्धशतक जड़कर आलोचकों का मुंह बंद कर दिया। यह आईपीएल इतिहास का उस समय का सबसे तेज अर्धशतक था, जिसने सुनील नरेन और यूसुफ पठान के 15-15 गेंदों के रिकॉर्ड को तोड़ दिया। यह पारी राहुल के करियर का टर्निंग पॉइंट साबित हुई। आईपीएल 2018 राहुल के लिए करियर-बदलने वाला सीजन रहा, जहां उन्होंने 14 मैचों में 54.91 की शानदार औसत से 659 रन बनाए। इसके बाद उन्होंने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। वह बाद में पंजाब किंग्स और फिर लखनऊ सुपर जाएंट्स के कप्तान भी बने। 2018 से 2025 के बीच, चोट के कारण बीच सीजन से बाहर होने वाले 2023 को छोड़कर, उन्होंने हर बार 500 से अधिक रन बनाए हैं। हाल के सीज़न में उन्होंने अपने स्ट्राइक रेट पर भी काम किया है, जो 2025 में 149.72 और 2026 के मौजूदा सीज़न में 185.84 तक पहुंच गया है। केएल राहुल का यह प्रदर्शन प्रीति जिंटा के भरोसे का ही नतीजा है। 2018 से लेकर अब तक, राहुल ने 17 बार ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ का खिताब जीता है, जो पिछले 9 सालों में किसी भी अन्य खिलाड़ी से अधिक है। जोस बटलर और शुभमन गिल 13-13 अवॉर्ड के साथ दूसरे स्थान पर हैं, जबकि विराट कोहली 9 अवॉर्ड के साथ चौथे पायदान पर हैं। यह आंकड़े राहुल के टी20 क्रिकेट में एक प्रमुख खिलाड़ी के रूप में स्थापित होने की कहानी कहते हैं, जिसकी शुरुआत एक अटूट विश्वास से हुई थी। डेविड/ईएमएस 03 मई 2026