राज्य
03-May-2026


- देश में उज्जैन 9 वें तो 11 वें नंबर पर इंदौर, जबलपुर, रीवा सहित प्रदेश के अन्य शहर काफी पीछे भोपाल (ईएमएस)। स्वच्छ सर्वेक्षण में इस बार भोपाल की कोशिश नंबर वन आने की है। इसके लिए 4909 शहरों के साथ 12500 अंकों पर मुकाबला करना होगा। सर्वेक्षण में इस बार 500 अंक जनता के फीडबैक के होंगे। पिछले वर्षो में स्वच्छ सर्वेक्षण के दौरान इंदौर की जनता के सकारात्मक फीडबैक के कारण ही इंदौर अव्वल आया है। विगत वर्षो में स्वच्छ सर्वेक्षण के पहले इंदौर के 4.5 से 6.5 लाख लोगों ने अपने फीडबैक दिए थे। इसमें 95 से 96 फीसद जनता के सकारात्मक फीडबैक के कारण इंदौर सर्वेक्षण में अव्वल रहा है। वही अभी तक शहर के 24364 लोगों ने ही अपने फीडबैक दिए है। यही वजह है कि 2 मई तक सिटिजन फीडबैक वाले शहरों की रैकिंग में इंदौर अभी 11 वे स्थान पर है। वही उज्जैन सिटीजन फीडबैक रैकिंग में इंदौर से आगे देश में नौंवे स्थान पर है। इंदौर के अलावा प्रदेश में भोपाल, ग्वालियर, रीवा व जबलपुर सहित अन्य शहर के सिटीजन फीडबैक में काफी पीछे है। ऐसे भोपाल सहित प्रदेश के सभी शहरों को अपने सिटीजन फीडबैक की संख्या बढ़ाना होगी। न्यूनतम 55 हजार सही फीडबैक की अनिवार्यता 27 अप्रैल से स्वच्छ सर्वेक्षण के लिए सिटिजन फीडबैक की प्रक्रिया शुरु हुई है। इस बार स्वच्छ सर्वेक्षण में भोपाल नगर के लोगों के सही फीडबैक की जरुरत है। फीडबैक की प्रक्रिया 30 मई तक चलेगी। ऐसे में आगामी दिनों में फीडबैक की संख्या बढ़ाने के लिए नगर निगम को मशक्कत करना होगी। स्वच्छ सर्वेक्षण के लिए किसी भी नगरीय निकाय को अपनी कुल आबादी के 10 प्रतिशत लोगों को फीडबैक लेना अनिवार्य है। नगर निगम को इस माह के अंत तक फीडबैक की संख्या बढ़ाना है। विनोद / 03 मई 26