मनोरंजन
04-May-2026
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लंदन (ईएमएस)। प्रकृति में माहू या चेंपा एक ऐसा अद्भुत और अनोखा कीड़ा मौजूद है जो अपने जन्म के समय से ही गर्भवती होता है। इनकी प्रजनन क्षमता इतनी तीव्र होती है कि यह कल्पना से परे है। इन्हें बच्चे पैदा करने के लिए किसी नर की जरूरत नहीं पड़ती। यहां बात हो रही हैं एफिड्स की, जिसे सामान्य भाषा में माहू या चेंपा भी कहते हैं। एक मादा एफिड के गर्भ में जन्म से ही बच्चे मौजूद होते हैं, और उन बच्चों के पेट में भी अगली पीढ़ी के अंडे पहले से पल रहे होते हैं। यह घटना प्रकृति का एक सबसे अनोखा कमाल है जिसे वैज्ञानिक भाषा में टेलिस्कोपिंग जेनरेशन या पीढ़ियों का सिलसिला कहते हैं। एक मादा एफिड जन्म लेते ही गर्भवती होती है। उसके अंदर पहले से ही 5-10 छोटे-छोटे बच्चे जिन्हें निम्फ कहा जाता है, तैयार रहते हैं। इन निम्फ के अंदर भी अगली पीढ़ी के अंडे पहले से ही बनने शुरू हो जाते हैं। यानी, तीन पीढ़ियां एक साथ एक ही शरीर में पल रही होती हैं – दादी, माँ और पोती/पोते के अंडे। वैज्ञानिकों ने इस जटिल प्रक्रिया को मैट्रिक्स के अंदर मैट्रिक्स का नाम दिया है, जो इसकी असाधारण प्रकृति को दर्शाता है। एफिड्स छोटे-छोटे, नरम शरीर वाले कीड़े होते हैं जो पौधों के रस चूसकर अपना जीवनयापन करते हैं। ये मुख्य रूप से गर्मियों में तेजी से बढ़ते हैं, जब वातावरण उनके लिए अनुकूल होता है। एक मादा एफिड अपने पूरे जीवनकाल में 50 से 100 तक बच्चे पैदा कर सकती है, लेकिन टेलिस्कोपिंग जेनरेशन की वजह से यह संख्या बहुत तेजी से बढ़ जाती है। अगर अनुकूल परिस्थितियां हों तो 30 दिनों में एक एफिड से 1 लाख से ज्यादा संतान पैदा हो सकती है, और कुछ अध्ययनों में तो यह संख्या 1 करोड़ तक बताई गई है। यह तीव्र प्रजनन प्रक्रिया पार्थेनोजेनेसिस कहलाती है, जिसमें नर की आवश्यकता नहीं पड़ती। मादा एफिड्स बिना निषेचन के ही जीवित बच्चे पैदा करती हैं। नर एफिड्स साल में सिर्फ एक बार, आमतौर पर शरद ऋतु में पैदा होते हैं, जब मौसम ठंडा हो जाता है। उस समय मादाएं अंडे देती हैं जो सर्दियों में सुरक्षित रहते हैं और अगले मौसम में उनसे नई पीढ़ी निकलती है। लेकिन बाकी पूरे साल मादाएं ही आबादी बढ़ाती रहती हैं। प्रकृति ने एफिड्स को यह विशेष शक्ति इसलिए दी है क्योंकि ये पौधों के लिए बहुत बड़ा खतरा हैं। अगर इनकी संख्या धीरे-धीरे बढ़ती तो पौधे इन्हें आसानी से नष्ट कर देते या इनसे बचाव कर लेते। लेकिन इतनी तेजी से संख्या बढ़ने से एफिड्स पूरे बगीचे या फसल को चंद दिनों में तबाह कर सकते हैं। कृषि वैज्ञानिकों के अनुसार, एफिड्स दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ने वाली कीट प्रजातियों में से एक हैं। एक मादा एफिड की लंबाई सिर्फ 1-2 मिलीमीटर होती है, फिर भी उसके अंदर कई पीढ़ियां पल रही होती हैं। वैज्ञानिकों ने माइक्रोस्कोप के जरिए इन गर्भों का गहन अध्ययन किया है, जिसमें उन्होंने पाया कि नवजात मादा के अंडाशय में पहले से ही 4-5 अगली पीढ़ी के निम्फ तैयार रहते हैं। सुदामा/ईएमएस 04 मई 2026