मुंबई (ईएमएस)। बॉलीवुड अभिनेत्री रश्मि देसाई का मानना है कि थिएटर ने उन्हें एक कलाकार के तौर पर बहुत कुछ सिखाया है और यह सीखने का एक बेहद खूबसूरत और प्रभावशाली माध्यम है। अभिनेत्री ने कहा कि थिएटर एक्टर्स बहुत मेहनत करते हैं। उन्हें उनका हक समय पर नहीं मिलता। वे जिस तरह का मजा करते हैं, उनका एक छोटा सा परिवार होता है और वे उसी में खुश रहते हैं। रश्मि ने इस बात पर जोर दिया कि थिएटर कलाकार बाहरी तारीफों या बड़ी पहचान के पीछे नहीं भागते। उन्हें किसी और की तारीफ की जरूरत नहीं होती कि ठीक है, यह करो, वह करो। वे अपनी कला और अपने साथियों के साथ खुश रहते हैं। रश्मि ने थिएटर कलाकारों की जोखिम लेने की अद्वितीय क्षमता की भी तारीफ की। उन्होंने कहा कि थिएटर एक्टर्स हर तरह का रिस्क लेने के लिए तैयार रहते हैं। यदि मंच पर कोई गलती हो जाए या कोई असफलता मिले, तो भी उनके साथी कलाकार उनका हाथ थाम लेते हैं और उन्हें यह भरोसा दिलाते हैं कि यह वक्त भी गुजर जाएगा। रश्मि के अनुसार, थिएटर सीखने का सबसे अच्छा माध्यम है जहाँ हर असफलता के बाद एक नई शुरुआत होती है, क्योंकि यह कलाकारों को तुरंत प्रतिक्रिया और सुधार का मौका देता है। अभिनेत्री ने थिएटर कलाकारों के लिए अधिक सम्मान की आवश्यकता पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा, वे ज्यादा इज्जत के हकदार हैं। लोगों को थिएटर और थिएटर एक्टर्स के बारे में और जानना चाहिए। यह काम करने के लिए बहुत खूबसूरत माध्यम है। रश्मि देसाई ने अपने व्यक्तिगत थिएटर अनुभव पर खुशी जताते हुए कहा कि उन्हें इस बात का दुख है कि उन्होंने इतने लंबे समय बाद थिएटर किया। उन्होंने वैशाली, प्रतिमा, अयूब, ओजस रावल और आसिफ पटेल जैसे अपने सह-कलाकारों और निर्देशकों का दिल से आभार व्यक्त किया। रश्मि ने उन्हें कमाल और बेहद सकारात्मक लोग बताया, जिनके साथ काम करके उन्हें बहुत कुछ सीखने को मिला। रश्मि देसाई का करियर साल 2006 में ‘रावण’ धारावाहिक से शुरू हुआ था। इसके बाद ‘परी हूं मैं’ में डबल रोल और ‘उतरन’ जैसे लोकप्रिय शो से उन्हें व्यापक लोकप्रियता मिली। सुदामा/ईएमएस 04 मई 2026