कोरोना के बाद अब बीच समंदर फैली नई महामारी वॉशिंगटन(ईएमएस)। अटलांटिक महासागर की लहरों के बीच सैर पर निकला एक लग्जरी क्रूज शिप उस समय दहशत का केंद्र बन गया, जब वहां एक रहस्यमयी बीमारी ने अपने पैर पसार लिए। विश्व स्वास्थ्य संगठन और दक्षिण अफ्रीका स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, डच क्रूज शिप एमवी होन्डियस पर फैला यह संक्रमण हंता वायरस माना जा रहा है। इस जानलेवा वायरस की चपेट में आने से अब तक तीन लोगों की जान जा चुकी है, जबकि कई अन्य यात्री जीवन और मौत के बीच जूझ रहे हैं। वर्तमान में यह जहाज अफ्रीका के पश्चिमी तट के पास केप वर्डे के निकट समुद्र में रुका हुआ है। जहाज पर मौत का सिलसिला एक 70 वर्षीय बुजुर्ग यात्री से शुरू हुआ, जिन्होंने क्रूज पर ही दम तोड़ दिया। इसके बाद उनकी पत्नी, जो किसी तरह घर लौटने के लिए दक्षिण अफ्रीका पहुंची थीं, हवाई अड्डे पर अचानक गिर पड़ीं और अस्पताल में उनकी मृत्यु हो गई। तीसरे मृतक का शव अब भी जहाज पर ही है। एक अन्य संक्रमित मरीज की स्थिति अत्यंत गंभीर बनी हुई है और उसे जोहांसबर्ग के एक अस्पताल के आईसीयू में भर्ती कराया गया है। दो अन्य पीड़ितों को जहाज से निकालने के प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन संक्रमण फैलने के डर से स्थानीय प्रशासन ने अब तक इसकी अनुमति नहीं दी है। हंता वायरस एक दुर्लभ लेकिन घातक संक्रमण है, जो आमतौर पर चूहों और अन्य कुतरने वाले जीवों के मल-मूत्र या लार के संपर्क में आने से मनुष्यों में फैलता है। यह वायरस सीधे फेफड़ों और किडनी पर हमला करता है, जिससे सांस लेने में तकलीफ और अंगों की विफलता हो सकती है। चिकित्सा विशेषज्ञों का कहना है कि इस वायरस का कोई सटीक इलाज उपलब्ध नहीं है और केवल लक्षणों के आधार पर उपचार ही संभव है। तीन सप्ताह पहले अर्जेंटीना से अपनी यात्रा शुरू करने वाले इस जहाज पर करीब 150 यात्री और 70 चालक दल के सदस्य सवार हैं। यह क्रूज अंटार्कटिका और फॉकलैंड द्वीपों से होते हुए स्पेन जाने वाला था, लेकिन अब यह एक तैरता हुआ क्वारंटीन सेंटर बन चुका है। जहाज पर मौजूद यात्रियों में भारी डर का माहौल है क्योंकि किसी को भी बाहर निकलने की अनुमति नहीं दी गई है। डब्ल्यूएचओ ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जीन सीक्वेंसिंग और कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग शुरू कर दी है ताकि यह पता लगाया जा सके कि यह संक्रमण जहाज पर कैसे पहुंचा और क्या यह वैश्विक स्तर पर किसी नए स्वास्थ्य संकट का संकेत है। दुनिया भर की नजरें अब समंदर के बीच फंसे इस क्रूज से आने वाली अगली सूचना पर टिकी हैं। वीरेंद्र/ईएमएस/04मई 2026