क्षेत्रीय
04-May-2026
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अलीगढ़ (ईएमएस)। अवैध वसूली करने वालों की अब खैर नहीं! आज नगर निगम की टीम ने पुलिस बल के साथ सराय लवरिया धर्मशाला पर जो सर्जिकल स्ट्राइक की है, उसने पूरे इलाके में हड़कंप मचा दिया है। साफ तौर पर देखा जा सकता है कि कैसे सरकारी अमला इस धर्मशाला को अपने कब्जे में ले रहा है। - धर्मशाला या वसूली का अड्डा? तस्वीरों में नगर निगम के अधिकारी और पुलिस की गाड़ियां धर्मशाला के बाहर तैनात हैं। मामला बेहद गंभीर है। आरोप है कि समाज सेवा के नाम पर बनी इस धर्मशाला में शादी-समारोह आयोजित करने के लिए आम जनता से 11 हजार रूपये की मोटी रसीद काटी जा रही थी। यह सीधे तौर पर जनता की जेब पर डाका था, जिस पर आज प्रशासन ने ताला जड़ दिया है। - ऑन-स्पॉट एक्शन नगर निगम की टीम ने धर्मशाला की पूरी जांच की और अनियमितताएं पाए जाने पर तुरंत ताला लगा दिया। पुलिस का पहराः किसी भी विरोध की स्थिति से निपटने के लिए भारी पुलिस बल मौके पर तैनात रहा। टीम ने धर्मशाला की चाबियाँ अपने हाथ में ले ली हैं। जनता की जीतः स्थानीय लोगों का कहना है कि यहाँ लंबे समय से रसीद के नाम पर खेल चल रहा था, जिसे आज नगर निगम ने खत्म कर दिया। - राॅकी आॅलोक का तीखा सवाल जब ये जगह जनता की सेवा के लिए है, तो 11 हजार रूपये की रसीद किसके आदेश पर काटी जा रही थी? क्या यह पैसा गरीब जनता की भलाई में लग रहा था या किसी की निजी जेब में जा रहा था? नगर निगम ने सोमवार को ताला लगाकर साफ कर दिया है कि अलीगढ़ में अब मनमानी नहीं चलेगी। - प्रशासन की बड़ी कार्रवाई नगर निगम की इस कार्रवाई के बाद अब यह धर्मशाला पूरी तरह से सरकारी नियंत्रण में है। अधिकारियों के सख्त तेवर बता रहे है कि अब इस मामले की गहराई से जांच होगी। - ईएमएस / 04/05/2026