- विधायक अनुभा मुंजारे ने खुद संभाली कमान - एनजीटी के निर्देशों के बाद भी नगरपालिका नहीं दे रही ध्यान बालाघाट (ईएमएस). नगर के देवी तालाब की बदहाल स्थिति को लेकर सोमवार को कांग्रेस सडक़ों से उतरकर तालाब में पहुंच गई। जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत विधायक अनुभा मुंजारे और कार्यकर्ताओं ने खुद तालाब में उतरकर सफाई की और प्रशासन की निष्क्रियता पर सवाल खड़े किए। बालाघाट में जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत कांग्रेस ने देवी तालाब में व्यापक सफाई अभियान चलाया। इस दौरान विधायक अनुभा मुंजारे सहित कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने तालाब परिसर में श्रमदान कर स्वच्छता का संदेश दिया। अभियान के दौरान विधायक और कार्यकर्ता खुद तालाब में उतरे और घमेले के माध्यम से गंदगी व कचरा बाहर निकाला। इस पहल को प्रशासन की लापरवाही के खिलाफ प्रतीकात्मक विरोध के रूप में भी देखा जा रहा है। विधायक अनुभा मुंजारे ने प्रशासन की निष्क्रियता पर कड़ी नाराजगी जताते हुए कहा कि यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो यह ऐतिहासिक तालाब पूरी तरह समाप्त हो सकता है। अतिक्रमण के कारण सिकड़ गया है तालाब करीब 50 एकड़ में फैला देवी तालाब आज अतिक्रमण और गंदगी के कारण सिमटता जा रहा है। तालाब की सबसे बड़ी समस्या शहर में सीवरेज सिस्टम का अभाव है, जिसके चलते कई वार्डों का गंदा पानी सीधे तालाब में पहुंच रहा है। इससे तालाब का पानी दूषित होकर बदबूदार हो चुका है। निर्देशों के बावजूद नहीं हुई कार्रवाई तालाब की बदहाली को लेकर पूर्व में नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल द्वारा निर्देश जारी किए गए थे। इसके बाद एसडीएम गोपाल सोनी ने नगरपालिका सीएमओ को तालाब के संरक्षण और जीर्णोद्धार के लिए स्पष्ट निर्देश दिए थे। निर्देशों में नियमित सफाई, प्लास्टिक व ठोस कचरे के निष्पादन पर रोक और खरपतवार हटाने के लिए वैज्ञानिक कार्ययोजना बनाने की बात कही गई थी, लेकिन नगर पालिका ने इन निर्देशों को नजरअंदाज कर दिया। भानेश साकुरे / 04 मई 2026