21 जिलों में अलर्ट जारी लखनऊ,(ईएमएस)। उत्तर प्रदेश में सोमवार को मौसम के बदले मिजाज ने भारी तबाही मचाई है। राज्य के विभिन्न हिस्सों में अचानक आई तेज आंधी, मूसलाधार बारिश और बिजली गिरने की घटनाओं में कम से कम 23 लोगों की जान चली गई। भीषण गर्मी से राहत की उम्मीद लेकर आया यह मौसम कई परिवारों के लिए मातम का सबब बन गया। सबसे ज्यादा जनहानि बिजली गिरने के कारण हुई है, जिसकी चपेट में मुख्य रूप से खेतों में काम कर रहे किसान और खुले में फंसे लोग आए। तेज हवाओं के कारण पेड़ उखड़ने और दीवारें गिरने से भी कई बड़े हादसे हुए। अकेले अयोध्या समेत अवध क्षेत्र में सात लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। वहीं, गोंडा जिले में पेड़ गिरने, बिजली के खंभे टूटने और खराब मौसम के चलते वाहन पलटने से चार लोगों की जान गई। बलरामपुर में पेड़ गिरने से एक रिक्शा चालक की मौत हो गई, जबकि बहराइच और अंबेडकर नगर में दो युवकों ने बिजली गिरने के कारण दम तोड़ दिया। सोमवार सुबह मौसम में आए इस अचानक बदलाव का असर ऐसा था कि सुबह साढ़े आठ बजे ही कई जिलों में रात जैसा अंधेरा छा गया। बारिश की बात करें तो संभल में सर्वाधिक 130 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई, जबकि कासगंज में 97 मिमी पानी गिरा। इसके अलावा बरेली, बाराबंकी, मुरादाबाद और गोरखपुर में भी भारी बारिश हुई। बलरामपुर, अलीगढ़ और गोरखपुर जैसे क्षेत्रों में हवाओं की रफ्तार 80 से 85 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच गई, जिससे तापमान में 10 से 12 डिग्री सेल्सियस की भारी गिरावट आई। बाराबंकी में अधिकतम तापमान लुढ़ककर मात्र 26.5 डिग्री सेल्सियस रह गया। मौसम विभाग ने मंगलवार के लिए भी गंभीर चेतावनी जारी की है। प्रदेश के 21 जिलों में ऑरेंज अलर्ट घोषित किया गया है, जहां गरज-चमक के साथ ओलावृष्टि और भारी बारिश की संभावना है। करीब 30 जिलों में 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने का अनुमान है। इस सूची में प्रयागराज, वाराणसी, अयोध्या, रायबरेली और सुल्तानपुर जैसे प्रमुख जिले शामिल हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यह सिलसिला अगले 2-3 दिनों तक जारी रह सकता है। प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहें और खेतों या खुले इलाकों में जाने से बचें। वीरेंद्र/ईएमएस/05मई 2026