भगवान राम की बाल लीला का मंचन देख दर्शक मंत्र मुग्ध सीहोर, (ईएमएस)। जिला मुख्यालय के समीपस्थ ग्राम महुआखेड़ी में सात दिवसीय विशाल एकादश कुण्डिय श्री रुद्र महायज्ञ शिव परिवार प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव किया जा रहा है। यहां पर सभी ग्रामीणों के सहयोग से भगवान शिव की विशेष पूजा अर्चना की जा रही है। यज्ञ संचालक 108 पंडित दुर्गाप्रसाद कटारे के मार्गदर्शन में सुबह यज्ञ में आहुतियां दी जा रही है। वहीं रामाखेड़ी में भी 60 जोड़े पूर्ण विधि-विधान से महायज्ञ में शामिल हो रहे है। ग्राम महुआखेडी तकीपुर में मंगलवार को पूजन, हवन कथा एवं मिष्ठानाधिवास का आयोजन किया गया। इस मौके पर यज्ञाचार्य पंडित दीपक शास्त्री, संत गोपाल आदि के सानिध्य में 51 जोड़ों ने सुबह आहुतियां दी। इस संबंध में जानकारी देते हुए महायज्ञ के मुख्य यजमान सुरेश गब्बर परमार ने बताया कि क्षेत्रवासियों के सहयोग से यहां पर विशाल एकादश कुण्डीय श्री रुद्रमहायज्ञ शिव परिवार प्राण-प्रतिष्ठ महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। वहीं रात्रि को आठ बजे उज्जैन रामलीला भक्त मंडल द्वारा रामलीला का मंचन किया जा रहा है। देर रात्रि को रामलीला के संचालक महेन्द्र बैरागी की टीम ने भगवान के अनेक बाललीलाओं का वर्णन किया। भगवान के रूप में योगेश बैरागी ने बताया कि वह लंबे समय से भक्ति करते हुए आ रहे है। रामलीला मंचन मे रामजन्म की लीला दिखाई। रावण और अन्य राक्षसों के अत्याचार से कराह रही पृथ्वी को अत्याचार मुक्त करने के हेतु देवतागण भगवान विष्णु से अवतार लेने की प्रार्थना करते हैं। विष्णु अंर्तध्यान होते हैं, बच्चों के रोने की आवाजें सुनाई देती हैं, खुशी का संगीत उभरता है। अगले दृश्य में रामजन्म के समाचार से राजा दशरथ सहित संपूर्ण अयोध्या में खुशी छा जाती है। भगवान राम के साथ तीनों भाइयों के जन्म लेते ही राजा दशरथ और रानी कौशल्या बड़े ही उत्साहित थे। अवध में चारों ओर बधाई गान गाए गए। कौशल्या जायो लल्ला, अवध में मचो हल्ला, अवध में जन्मे रघुराई, कौशल्या रानी दे दो बधाई। बाल स्वरूप भगवान राम से मिलने भगवान शंकर योगी का भेष बनाकर आते हैं और इसके बाद चारों भाइयों का नामकरण गुरू वशिष्ठ द्वारा किया जाता है। तत्पश्चात भगवान राम,लक्ष्मण,भरत, शत्रुघन गुरु वशिष्ठ के आश्रम में शिक्षा दीक्षा के प्रस्थान करते हैं। भगवान राम की बाल लीला का मंचन देख दर्शक मंत्र मुग्ध हो जाते हैं। ईएमएस/विमल जैन / 05 मई 2026