राज्य
06-May-2026


जबलपुर (ईएमएस)। महाकोशल चेम्बर ऑफ कॉमर्स एण्ड इंडस्ट्री ने केंद्रीय पेट्रोलियम एवं गैस मंत्री को पत्र प्रेषित कर अनुरोध किया है कि तेल कंपनियों को पेट्रोल एवं डीजल व घरेलू एलपीजी की कीमत बढ़ाने की अनुमति न प्रदान की जावें। बढ़ती महंगाई के इस दौर में इनकी कीमतें यथावत रखी जावें। इस संबंध में ज्ञात हो कि वर्तमान पश्चिम एशिया संकट के परिपेक्ष्य में समाचार पत्रों में प्रकाशित आशंका के तहत पेट्रोल, डीजल एवं घरेलू एलपीजी सिलेंडरों के दाम बढऩे की खबर से इस महंगाई के दौर में आमजन एवं उद्योग व व्यापार क्षेत्र में असंतोष एवं रोष का वातावरण बन रहा है। इस संबंध में प्राप्त जानकारी के अनुसार भारत वर्ष की चार मुख्य तेल कंपनियों ने वर्ष 2025-26 के पहले 9 महीनों में जबरदस्त मुनाफा प्राप्त किया है। आंकड़ों के अनुसार तेल कंपनियों ने औसतन 116 करोड़ रुपया प्रतिदिन का मुनाफा कमाया है, जबकि इसी वित्तीय वर्ष में प्रथम 9 माहों में कुल 34 लाख करोड़ का मुनाफा इन तेल कंपनियों को मिला है। यह मुनाफा उस वक्त हुआ है जब कच्चे तेल का औसत मूल्य 71/- प्रति बैरल था जो कि कोविड के बाद सबसे कम था, साथ ही इस समयावधि में कंपनियों द्वारा पेट्रोल एवं डीजल की कीमतों में राहत भी नहीं दी जा रही थी। उपरोक्त तथ्यों से स्पष्ट है कि सस्ते कच्चे तेल खरीद कर तेल कंपनियां रु. 116 करोड़ प्रतिदिन कमा रही थी तब आज जबकि पूरा देश महंगाई के दौर से गुजर रहा है, ऐसे समय में यदि तेल कंपनियां अपना मुनाफा कम कर के पूर्वानुसार पेट्रोल, डीजल एवं घरेलू एलपीजी के दाम यथावत रखें या कम करें, इसकी आवश्यकता महसूस की जा रही है। महाकोशल चेम्बर अध्यक्ष रवि गुप्ता, वरिष्ठ उपाध्यक्ष शंकर नाग्देव, कनिष्ठ उपाध्यक्ष युवराज जैन गढ़ावाल, मानसेवी मंत्री अखिल मिश्र, कोषाध्यक्ष हेमराज अग्रवाल, सहमंत्री गुलशन माखीजा, प्रभात जैन, समन्वयक राजेश चण्डोक, संगठन मंत्री अनिल जैन पाली, संयोजन मंत्री समीर पाल ने सरकार से आमजन की भावनाओं पर कुठाराघात न करते हुए तेल कंपनियों को दाम बढ़ाने की अनुमति नही प्रदान करने की मांग की है। सुनील साहू / मोनिका / 06 मई 2026/ 02.28