राज्य
06-May-2026


जयपुर (ईएमएस)। मुख्य सचिव व राजस्थान नदी बेसिन एवं जल संसाधन योजना प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री वी. श्रीनिवास की अध्यक्षता में शासन सचिवालय स्थित चिंतन कक्ष में उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित हुई। बैठक में जल संसाधन प्रबंधन, संरक्षण एवं विभाग की योजना से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की गई। मुख्य सचिव ने राज्य में जल संसाधनों के प्रभावी प्रबंधन के लिए तकनीकी रूप से सुदृढ़ योजना निर्माण एवं सतत मॉनिटरिंग प्रणाली विकसित करने के निर्देश दिए। उन्होंने इंदिरा गांधी नहर परियोजना के मरम्मत कार्यों में तेजी लाने एवं जल उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जल संसाधनों का समुचित उपयोग सुनिश्चित करते हुए राज्य को जल आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाए जाएं। बैठक में मुख्य सचिव द्वारा मुख्य अभियंता हनुमानगढ़ को घग्गर नदी के मानसून अवधि में बाढ़ और जल उपलब्धता और संभावित उपयोग का अध्ययन करवाकर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश प्रदान किए। साथ ही, सभी बेसिन मुख्य अभियंता एवं बेसिन अतिरिक्त मुख्य अभियंताओं को अपने-अपने संभाग में स्थित नदी बेसिनों की अद्यतन प्रभावी योजना एवं नदी बेसिन मास्टर प्लान विकसित राजस्थान—2047 को ध्यान में रखते हुए शीघ्र तैयार करने के निर्देश प्रदान किए। इसमें जल संसाधन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव एवं प्राधिकरण के आयुक्त श्री अभय कुमार ने राजस्थान नदी बेसिनों की जानकारी प्रस्तुत दी। प्राधिकरण के मुख्य अभियंता श्री राज पाल सिंह ने विभिन्न परियोजनाओं एवं योजनाओं की विस्तृत जानकारी देते हुए वर्तमान स्थिति से अवगत कराया। बैठक में जल संसाधन प्रबंधन से जुड़े प्रमुख बिंदुओं पर चर्चा की गई। इनमें सतही जल की उपलब्धता, रावी-ब्यास से प्राप्त जल, भूजल विकास की स्थिति, विभिन्न क्षेत्रों में जल की मांग (सिंचाई, पेयजल एवं औद्योगिक उपयोग), नहरों में जल परिवहन के दौरान होने वाली हानि तथा प्रमुख परियोजनाएं शामिल रहीं। इनमें इंदिरा गांधी नहर परियोजना, गंग नहर, भाखड़ा नहर एवं सिद्धमुख-नोहर परियोजना प्रमुख रूप से सम्मिलित हैं। इसमें भूजल की गुणवत्ता एवं बढ़ती पेयजल मांग को प्रमुख चुनौतियों के रूप में चिन्हित किया गया। इस संदर्भ में जल के समुचित उपयोग एवं संरक्षण के लिए समन्वित रणनीति अपनाने पर जोर दिया गया। अशोक शर्मा/ 5:30 बजे/ 6 मई 2026