राज्य
07-May-2026
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नई दिल्ली (ईएमएस)। राजधानी में किशोर अपराध की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। नेशनल क्राइम रिकार्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) द्वारा जारी 2024 के आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली सभी महानगरों में चिल्ड्रन इन कान्फ्लिक्ट विद द ला (सीसीएल) के मामले में शीर्ष पर है। आंकड़े बताते हैं कि दिल्ली में प्रति एक लाख नाबालिग आबादी पर लगभग 42 किशोर अपराधों में शामिल पाए गए। एनसीआरबी की रिपोर्ट के मुताबिक 2024 में दिल्ली में नाबालिगों द्वारा किए गए अपराधों के कुल 2,306 मामले दर्ज किए गए, जो देश के किसी भी अन्य महानगर से कहीं अधिक है। पिछले तीन वर्षों के आंकड़ों पर नजर डालें तो स्थिति में कोई खास सुधार नहीं दिखा है। 2023 में 2,278 और 2022 में 2,336 मामले दर्ज किए गए, जो दर्शाता है कि राजधानी में किशोर अपराध की दर लगातार बढ़ती जा रही है। अजीत झा/देवेन्द्र/नई दिल्ली/ ईएमएस/07/मई /2026