-भारत-अमेरिका को दिया सीधा संदेश, चीनी विदेश मंत्री व खलीलुर रहमान ने की मुलाकात बीजिंग,(ईएमएस)। चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने कहा है कि बांग्लादेश और दूसरे दक्षिण एशियाई देशों के साथ चीन के संबंध किसी तीसरे पक्ष को निशाना बनाने के लिए नहीं है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि इन देशों के साथ चीन के संबंधों पर किसी तीसरे पक्ष का कोई असर नहीं पड़ना चाहिए। चीन के इस बयान को भारत और अमेरिका के लिए सीधा संदेश माना जा रहा है। चीनी विदेश मंत्री ने यह बयान बांग्लादेश के अपने समकक्ष खलीलुर रहमान से मुलाकात के बाद दिया है। बांग्लादेश के विदेश मंत्री खलीलुर रहमान बीजिंग की यात्रा पर हैं, जहां उन्होंने चीनी समकक्ष वांग यी के साथ द्विपक्षीय चर्चा में हिस्सा लिया। बातचीत के बाद दोनों पक्षों ने एक संयुक्त प्रेस विज्ञप्ति जारी की, जिसमें गहरी दोस्ती और सहयोग का संकल्प लिया। फरवरी में बांग्लादेश की नई बीएनपी सरकार के सत्ता संभालने के बाद बांग्लादेश के विदेश मंत्री की यह पहली चीन यात्रा है। अगले महीने जून में बांग्लादेश के पीएम तारिक रहमान भी चीन की यात्रा पर जाने वाले हैं। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक इस दौरान वांग यी ने कहा कि बांग्लादेश और अन्य दक्षिण एशियाई देशों के साथ चीन के संबंधों का विकास किसी तीसरे पक्ष को निशाना नहीं बनाता है और न ही इस पर किसी तीसरे पक्ष का कोई असर पड़ना चाहिए। चीनी विदेश मंत्री ने खलीलुर रहमान से कहा कि चीन, बांग्लादेश को अपनी पूरी क्षमता के मुताबिक समर्थन और सहायता देना जारी रखने को तैयार है। चीन के सरकारी ब्रॉडकॉस्टर के मुताबिक वांग यी ने कहा कि चीन, बांग्लादेश के साथ अपनी पारंपरिक मित्रता को आगे बढ़ाने, आपसी राजनीतिक विश्वास को बढ़ाने, व्यावहारिक सहयोग को गहरा करने और बांग्लादेश की राष्ट्रीय विकास प्रक्रिया में सबसे भरोसेमंद भागीदार बनने को इच्छुक है। वांग विदेश मंत्री के साथ ही चीन की कम्युनिस्ट पार्टी की केंद्रीय समिति को पॉलिटिकल ब्यूरो के सदस्य भी हैं। उन्होंने बांग्लादेश में चीन की महत्वाकांक्षी बेल्ट और रोड पहल को बढ़ावा देने की बीजिंग की इच्छा जाहिर की। बांग्लादेश के विदेश मंत्री ने चीन और बांग्लादेश के बीच पारंपरिक मित्रता का जिक्र किया और बीजिंग को ढाका के लिए एक भरोसेमंद और अनिवार्य मित्र और साझेदार बताया। रहमान ने ताइवान के मुद्दे पर चीन का समर्थन किया और कहा कि ढाका एक-चीन सिद्धांत का पालन करता है। चीन की सरकार ही पूरे चीन का प्रतिनिधित्व करने वाली वैध सरकार है और ताइवान चीन का हिस्सा है। सिराज/ईएमएस 07मई26