क्षेत्रीय
07-May-2026
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- खजराना में गूँजी मैया की महिमा : ज्ञान यज्ञ में हुआ माँ नर्मदा के प्राकट्य का प्रभावी वर्णन, कल आएंगे दादागुरु :: इंदौर (ईएमएस)। दुनिया के तमाम देश जहाँ बाहरी प्रदर्शन और चकाचौंध में डूबे हुए हैं, वहीं भारत की सबसे बड़ी खूबी उसका दर्शन है। हम नदियों को जल की धारा नहीं, बल्कि माँ का दर्जा देते हैं। माँ कभी भी अपने बेटों की पुकार अनसुनी नहीं कर सकती। माँ वह विश्वविद्यालय है, जहाँ हम बिना किताबों के जीवन के व्यावहारिक सूत्र सीख जाते हैं। जो परिपूर्णता माँ से मिलती है, वह दुनिया की और कोई शक्ति नहीं दे सकती। यह ओजस्वी विचार नर्मदा परिक्रमावासी आचार्य पं. रविकांत शास्त्री ने खजराना गणेश मंदिर स्थित सत्संग सभागृह में व्यक्त किए। अवसर था अ.भा. दादा गुरु परिवार इंदौर नर्मदा मिशन द्वारा आयोजित नर्मदा चिंतन ज्ञान यज्ञ का। गुरुवार को कथा के दौरान माँ भगवती नर्मदा के प्राकट्य उत्सव की व्याख्या करते हुए शास्त्री ने कहा कि नर्मदा केवल मनुष्य ही नहीं, बल्कि करोड़ों जीवों, वनस्पतियों और प्रकृति का लालन-पालन कर रही है। भारत का सनातन धर्म माँ नर्मदा जैसी जीवनदायिनी शक्तियों के कारण ही आज भी अक्षुण्ण बना हुआ है। :: कंकर को शंकर बनाती है मैया :: आचार्य ने बताया कि भगवान शिव की तपस्या से मेकल पर्वत पर प्रकट हुई नर्मदा पापनाशिनी हैं। उन्होंने कहा कि नर्मदा के संपर्क में आने पर जब छोटा सा कंकर भी शंकर बन सकता है, तो मनुष्य का उद्धार होना निश्चित है। श्रद्धा के साथ की गई नर्मदा परिक्रमा में कोई भी भक्त कभी भूखा या प्यासा नहीं रहता। माँ के पास पिता बनकर नहीं, बल्कि पुत्र बनकर जाना पड़ता है। :: कल पधारेंगे तपोनिष्ठ दादागुरु :: संयोजक राजेंद्र बंसल एवं नित्यम बंसल ने बताया कि कथा का विशेष आकर्षण तपोनिष्ठ संत दादागुरु भगवान का आगमन होगा। वे 9 मई को इंदौर पधारेंगे और 11 मई तक भक्तों को सानिध्य प्रदान करेंगे। उल्लेखनीय है कि दादागुरु पिछले 2030 दिनों से केवल नर्मदा जल के आधार पर ही तपस्यारत हैं। :: भक्ति में डूबे श्रद्धालु :: कथा शुभारंभ के पूर्व समाजसेवी राजेंद्र बंसल, नित्यम बंसल, सुमित अग्रवाल और भाजपा जिलाध्यक्ष श्रवण सिंह चावड़ा सहित कई गणमान्य नागरिकों ने व्यास पीठ का पूजन किया। मातृशक्ति की ओर से ज्योति बंसल और प्रेरणा बंसल सहित सैकड़ों महिलाओं ने आचार्य की अगवानी की। 11 मई तक चलने वाली इस कथा में प्रतिदिन शाम 5 से 8 बजे तक नर्मदा भक्त, संत-महंत और परिक्रमावासी बड़ी संख्या में जुट रहे हैं। समापन अवसर पर सोमवार को महाप्रसादी का आयोजन भी होगा। प्रकाश/07 मई 2026