क्षेत्रीय
07-May-2026
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- बड़ी कार्रवाई : बिना लाइसेंस चल रही यूनिट बंद कराई; शहरभर से दो दिन में लिए गए 29 नमूने, कई नामचीन संस्थानों को थमाया नोटिस :: इंदौर (ईएमएस)। शहरवासियों की सेहत से खिलवाड़ करने वाले मिलावटखोरों और अस्वच्छ परिस्थितियों में खाद्य सामग्री बनाने वालों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा प्रशासन ने शिकंजा कस दिया है। कलेक्टर शिवम वर्मा के निर्देश पर चलाए जा रहे सघन अभियान के तहत विभाग ने धार रोड स्थित एक कुल्फी निर्माण इकाई को तत्काल प्रभाव से बंद करा दिया है। पिछले दो दिनों में टीम ने शहर के विभिन्न नामी और रूटीन प्रतिष्ठानों पर दबिश देकर कुल 29 नमूने जांच हेतु लिए हैं। खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने धार रोड स्थित माँ इंटरप्राइजेज पर जब औचक दबिश दी, तो वहां के हालात देखकर वे दंग रह गए। यहां बॉम्बे चौपाटी ब्रांड के नाम से कुल्फी और फ्रोजन डेजर्ट बनाया जा रहा था। निरीक्षण में पाया गया कि कुल्फी के सांचे फर्श पर रखे थे, कर्मचारी बिना ग्लव्स, कैप और एप्रोन के काम कर रहे थे और पूरे परिसर में भीषण गंदगी पसरी थी। प्रोपराइटर विष्णु सुथार के पास निर्माण का कोई वैध लाइसेंस भी नहीं मिला। विभाग ने यहाँ से 8 नमूने लिए और कुल्फी फैक्ट्री को सील कर दिया। :: हेल्पलाइन की शिकायत पर साईं डोसा और राधिका फरियाली पर जांच :: कलेक्टर हेल्पलाइन पर मिली शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए टीम ने राधिका फरियाली एंड सैंडविच पर साबूदाना खिचड़ी और श्री साईं डोसा भवन से इडली-चटनी के नमूने लिए। यहाँ साफ-सफाई और पेस्ट कंट्रोल को लेकर सख्त हिदायत दी गई। इसी प्रकार बियाबानी स्थित पंकज आइस कैंडी से भी 5 नमूने लिए गए। :: इन प्रमुख संस्थानों पर भी गिरी गाज :: जांच के दौरान चाइनीज वोक से सॉस और पनीर के नमूने लिए गए तथा वेज-नॉनवेज के पृथक भंडारण न होने पर नोटिस थमाया गया। एशिया 7 से हक्का नूडल्स, मोम स्टेशन जूस और डॉक्टर जोश से पाइनएप्पल और मिक्स फ्रूट जूस के नमूने लिए गए। ब्लिंक कॉमर्स (ब्लिंकिट) विजय नगर पर उपभोक्ता शिकायत के बाद गंगवाल सूजी और मैदा के नमूने लिए गए। वहीं, पालदा स्थित क्वालिटी केला कोल्ड स्टोरेज में फलों को पकाने के लिए उपयोग किए जा रहे रसायनों की जांच की गई। :: बर्दाश्त नहीं होगी लापरवाही : कलेक्टर कलेक्टर शिवम वर्मा ने स्पष्ट किया है कि आमजन को शुद्ध और सुरक्षित खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। मानकों का उल्लंघन करने वाले संस्थानों को बख्शा नहीं जाएगा। सभी लिए गए नमूनों को राज्य खाद्य प्रयोगशाला भोपाल भेजा गया है, जिनकी रिपोर्ट के आधार पर आगामी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। प्रकाश/07 मई 2026