राज्य
07-May-2026
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जीएमवीएन के गेस्ट हाउसों की अब तक की बुकिंग नौ करोड़ के पारः सतपाल महाराज अभी तक 30 लाख से अधिक श्रद्धालु करवा चुके हैं पंजीकरण देहरादून (ईएमएस)। प्रदेश के पर्यटन, धर्मस्व, संस्कृति, लोक निर्माण, सिंचाई एवं ग्रामीण निर्माण मंत्री सतपाल महाराज ने कहा है कि पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष चारधाम यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं की तादाद में काफी वृद्धि होने की संभावना है। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार से बड़ी संख्या में यात्री अपना पंजीकरण करवा रहे हैं और यात्रा मार्गो पर स्थित जीएमवीएन के गेस्ट हाउसों की बुकिंग में लगातार इजाफा हो रहा है उसे देखकर संभावना है कि इस बार भी चारधाम यात्रा पिछले वर्ष के रिकॉर्ड को तोड़ेगी। पर्यटन, धर्मस्व एवं संस्कृति मंत्री सतपाल महाराज ने बताया कि चारधाम यात्रा मार्गो पर स्थित जीएमवीएन के गेस्ट हाउसों के लिए श्रद्धालुओं ने 16 फरवरी 2026 से आनलाइन बुकिंग करवानी प्रारंभ कर दी थी। उन्होंने कहा कि अभी तक चारधाम यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं ने 9940124-11 (नौ करोड़ नौ लाख चालीस हजार एक सौ चैबीस) की बुकिंग करवा ली है और यह आंकड़ा लगातार बढता जा रहा है। चारधाम यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं के लिए 06 मार्च 2026 से ऑनलाइन और 17 अप्रैल 2026 से ऑफलाइन पंजीकरण के तहत अभी तक कुल 30 लाख से अधिक यात्री अपना पंजीकरण करवा चुके हैं और 9 लाख के लगभग श्रद्धालु दर्शनों का लाभ उठा चुके हैं। पर्यटन एवं धर्मस्व मंत्री श्री महाराज ने चारधाम यात्रा पर आने वाले सभी यात्रियों से अनुरोध किया है कि वह अपनी यात्र सुरक्षित और सुगम बनाने के लिए सरकार की गाइड लाइन का पालन करें। ऑनलाइन पंजीकरण के लिए तमहपेजतंजपवदंदकजवनतपेजबंतम-ना-हवअ-पद या ज्वनतपेजब्ंतम न्ज्ञ मोबाइल ऐप से और ऑफलाइन पंजीकरण ऋषिकेश, हरिद्वार, विकासनगर में खुले काउंटरों पर करवा सकते हैं। यात्र के दौरान फत् कोड चेकपोस्ट पर स्कैन होगा और बिना पंजीकरण वाले यात्रियों को वापस भेजा जाएगा। इसलिए पंजीकरण के बिना यात्र ना करें। 50 साल उम्र वाले हेल्थ स्क्रीनिंग सेंटर पर जांच अवश्य कराएं। अस्थमा, हृदय रोग, हाई ठच् वाले यात्री डॉक्टर की सलाह के बाद ही यात्र पर आएं। केदारनाथ-बद्रीनाथ अत्यधिक ऊंचाई पर हैं। इसलिए रास्ते में दो-चार दिन रुक कर शरीर को मौसम के अनुकूल बनाते हुए ही अपनी यात्रा पूरी करें। मंदिर परिसरों में मोबाइल से वीडियो-रील बनाने पर रोक है। यात्रा के समय आधार/वोटर आईडी रखना अनिवार्य है। पहाड़ों का मौसम मौसम कभी भी बदल सकता है इसलिए गर्म कपड़े और रेनकोट अपने साथ अवश्य रखें। उन्होंने यात्रा के दौरान कुड़े को डस्टबिन में डालने और प्लास्टि को इस्तेमाल ना करने की भी सलाह दी है। (फोटो-19) शैलेन्द्र नेगी/ईएमएस/07 मई 2026