अंतर्राष्ट्रीय
08-May-2026


इस्लामाबाद (ईएमएस)। भारत ऑपरेशन सिंदूर की पहली बरसी मना रहा है। आज से एक साल पहले करीब 88 घंटे तक चले संघर्ष के दौरान भारत ने पाकिस्तान को धूल चटा दी थी। भारत का हमला इतना तेज और निर्णायक था कि पाकिस्तान को सीजफायर के लिए गिड़गिड़ाना पड़ा था। भारत ने न सिर्फ पाकिस्तान में आतंकी ढांचों को तबाह किया था, बल्कि पाकिस्तान के दर्जनभर एयरबेसों को भी बर्बाद कर दिया था। हालांकि, पाकिस्तान फिर भी हार मानने को तैयार नहीं है और भारत के खिलाफ नए सिरे से हमले की तैयारी कर रहा है। इसके लिए पाकिस्तान ईरान युद्ध से भारत के खिलाफ हमले की कला को सीख रहा है। ऐसी रिपोर्ट्स हैं कि पाकिस्तान की नजर भारत के मैरीटाइम ट्रेड रूट पर है। वह जानता है कि भारत अपनी जरूरत का तेल और गैस का अधिकांश हिस्सा खाड़ी देशों से खरीदता है। भारत के लिए तेल या गैस ले जाने वाले जहाज या फारस की खाड़ी या फिर लाल सागर के रास्ते गुजरते हैं। इस दौरान उन्हें अरब सागर को पार करना होता है। इसके पाकिस्तान इन जहाजों को निशाना बनाकर भारत में ऊर्जा संकट पैदा करने की कोशिश कर सकता है। हालांकि, इसके लिए पाकिस्तान को अपने से कई गुना ज्यादा ताकतवर भारतीय नौसेना से पार पाना होगा। इतना ही नहीं पाकिस्तान की नजर जमीन से जुड़े सीमावर्ती क्षेत्रों में एक साथ बड़े पैमाने पर ड्रोन और मिसाइलों की बारिश करने पर भी है। वह ईरान के मध्य पूर्व के देशों में स्थित रणनीतिक प्रतिष्ठानों पर हमलों का अध्ययन कर रहा है। पाकिस्तान यह जानना चाह रहा है कि ईरान की मिसाइलों और ड्रोन ने खाड़ी देशों के एयर डिफेंस को कैसे चमका दिया। ईरान के हमलों में खाड़ी देशों को भारी नुकसान उठाना पड़ा है। हालांकि, एक साल पहले ही ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत ने पाकिस्तान के मिसाइल और ड्रोन हमलों को सफलतापूर्वक विफल किया था। पाकिस्तान भारत में मौजूद अपने स्लीपर सेल के जरिए भी हमलों को अंजाम देने की कोशिश कर सकता है। उसकी नजर आगामी संघर्ष के वक्त भारत में ज्यादा से ज्यादा अशांति फैलाने की हो सकती है, ताकि सारा ध्यान अंदरूनी हालात को संभालने पर फोकस हो जाए। आशीष दुबे / 08 मई 2026