-मिसाइल की 4939 किमी प्रतिघंटा की है रफ्तार, नहीं पकड़ सकेगा रडार करांची,(ईएमएस)। पाकिस्तान ने हाल ही में अपनी नई सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल फतह-3 को लॉच्न किया है। यह मिसाइल पाकिस्तान की फतह मिसाइल फैमिली का नया और ताकतवर सदस्य है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह मिसाइल भारत के ब्रह्मोस मिसाइल का जवाब देने के लिए बनाई गई है। फतह-3 की क्षमता पाकिस्तान की सैन्य ताकत को और बढ़ाएगी, खासकर समुद्र और जमीन दोनों पर सटीक हमले करने में यह सक्षम हैं। फतह-3 चीन की एचडी-1 सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल का पाकिस्तानी वर्जन है। यह एक रोड-मोबाइल मिसाइल है यानी इसे ट्रक पर लगाकर आसानी से एक जगह से दूसरी जगह ले जाया जा सकता है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक इस मिसाइल सिस्टम में दो मिसाइलों वाले कंटेनर लगे हैं। इसका मतलब है कि एक लॉन्चर से दो मिसाइलें एक साथ लॉन्च की जा सकती हैं। पाकिस्तान ने इसे अपनी पुरानी फतह सीरीज में जोड़कर अब सुपरसोनिक मिसाइल की क्षमता हासिल कर ली है। फतह-3 मिसाइल 3704 से 4939 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से उड़ सकती है यानी यह ध्वनि की गति से तीन-चार गुना तेज है। इसकी मारक क्षमता 290 से 450 किलोमीटर है। यह 240 से 400 किलोग्राम तक का वॉरहेड ले जा सकती है। चीन की एचडी-1 मिसाइल इसी पर बेस्ड है फतह-3 मिसाइल। मिसाइल समुद्र की सतह के बहुत करीब उड़कर लक्ष्य की ओर जाती है, जिससे दुश्मन के रडार को पकड़ना मुश्किल हो जाता है। यह मिसाइल जमीन पर सटीक हमले और दुश्मन के जहाजों पर हमला दोनों के लिए डिजाइन की गई है। इसकी सटीकता और तेज रफ्तार इसे बेहद खतरनाक बनाती है। विशेषज्ञ इसे भारत के ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल का जवाब मान रहे हैं। यह मिसाइल पाकिस्तान को समुद्री लक्ष्यों और जमीन पर दुश्मनों के ठिकानों को निशाना बनाने की नई क्षमता देगी। इससे भारत-पाकिस्तान के बीच मिसाइल टेक्नोलॉजी की दौड़ और तेज हो गई है। फतह-3 को शामिल करके पाकिस्तान अपनी फतह मिसाइल सीरीज को और मजबूत कर रहा है। पहले फतह सीरीज में ज्यादातर बैलिस्टिक मिसाइलें थीं, लेकिन अब सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल जोड़कर पाकिस्तान ने अपने हथियारों का दायरा बढ़ा दिया है। यह मिसाइल रोड-मोबाइल होने के कारण युद्ध के समय छिपाना और इस्तेमाल करना आसान है। चीन की मदद से विकसित होने के कारण यह पाकिस्तान-चीन रक्षा साझेदारी का नया उदाहरण भी है। सिराज/ईएमएस 08मई26