क्षेत्रीय
08-May-2026
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- लामबंद अधिवक्ताओं ने कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन गुना (ईएमएस)। जिला एवं सत्र न्यायालय के अधिवक्ताओं ने बाल कल्याण समिति की एक सदस्य के व्यवहार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। शुक्रवार को बड़ी संख्या में अधिवक्ता लामबंद होकर कलेक्टोरेट पहुंचे और जिलाधीश के नाम ज्ञापन सौंपकर सदस्य के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। दरअसल अधिवक्ता अमरीश सिंह रघुवंशी ने बताया कि मामला 29 अप्रैल 26 का है। बाल कल्याण समिति द्वारा सोनिया सोनी और उनके पुत्र को नोटिस देकर बुलाया गया था। अधिवक्ता रघुवंशी अपने परिचित की मदद के लिए सामान्य वेशभूषा में उनके साथ समिति के समक्ष उपस्थित हुए थे। आरोप है कि वहां मौजूद समिति सदस्य अनुसूईया रघुवंशी ने व्यक्तिगत वैमनस्यता के चलते अधिवक्ता के साथ अभद्र व्यवहार किया। शिकायत में उल्लेख है कि सदस्य ने अपमानित शब्दों का प्रयोग करते हुए कहा, तुम किस हैसियत से आए हो? यहाँ वकील की कोई जरूरत नहीं है, निकलो यहाँ से। अधिवक्ता का कहना है कि वे केवल एक मित्र के नाते मार्गदर्शन के लिए वहां गए थे, लेकिन सदस्य ने उनके साथ घृणित कृत्य किया। - चुनावी रंजिश का लगाया आरोप अधिवक्ता अमरीश सिंह रघुवंशी ने ज्ञापन में आरोप लगाया कि इस दुर्व्यवहार के पीछे पुरानी राजनीतिक रंजिश है। वर्ष 2022 के पार्षद चुनाव में अनुसूईया रघुवंशी उसी वार्ड से चुनाव हार गई थीं, जहाँ से आवेदक भी प्रत्याशी था। इसी रंजिश को आधार बनाकर पदीय गरिमा के विरुद्ध जाकर अपमानित किया गया। घटना की मौखिक सूचना उसी दिन किशोर न्यायालय की अधिकारी रितुश्री गुप्ता और अधीक्षक रमेश चंदेल को भी दी गई थी। - मानसिक जांच और पद से हटाने की मांग शुक्रवार को कलेक्टोरेट पहुंचे अधिवक्ताओं ने सदस्य के व्यवहार को पद की गरिमा के विपरीत और शोभनीय बताया। ज्ञापन में मांग की गई है कि रंजिश पालकर कुंठित व्यवहार करने वाले व्यक्ति को सम्मानीय पद पर रहने का अधिकार नहीं है। अधिवक्ताओं ने उक्त सदस्य की मानसिक स्थिति की जांच जिला चिकित्सालय से कराने और उन्हें पद से मुक्त करने हेतु जिलाधीश से हस्तक्षेप की अपील की है। इस दौरान बड़ी संख्या में अधिवक्ता उपस्थित रहे और चेतावनी दी कि यदि कार्रवाई नहीं हुई तो वे उग्र आंदोलन करेंगे। - सीताराम नाटानी