ग्वालियर ( ईएमएस ) | पहले बरसात में गांव तक पहुंचना बहुत मुश्किल हो जाता था। बच्चों की पढ़ाई रुकती थी और मरीजों को अस्पताल ले जाने में परेशानी होती थी। अब सड़क बनने से सब आसान हो गया है। यह कहना है ग्वालियर जिले के विकासखंड मुरार की सहरिया जनजाति बहुल बस्ती आदिवासीपुरा के निवासियों का। प्रधानमंत्री जनजातीय आदिवासी न्याय महाअभियान (पीएम जन-मन) के तहत भदावना रोड (गुर्री) से आदिवासीपुरा तक लगभग 1.120 किलोमीटर लंबी डामरीकृत सड़क बनाई गई है। प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना से लगभग 55.54 लाख रुपए की लागत से यह सड़क बनी है। सड़क मार्ग पर 5 पुलियाओं का निर्माण भी कराया गया है। आदिवासीपुरा में प्रदेश की सबसे पिछड़ी जनजातियों में शुमार सहरिया जनजाति के करीबन 200 परिवार रहते हैं। इस बस्ती तक पहले केवल कच्चा रास्ता था। बरसात में आवागमन लगभग बंद हो जाता था। अब पक्की सड़क बनने से गांव के लोगों को 24 घंटे सुगम आवागमन की सुविधा मिल गई है। बारहमासी पक्की सड़क बनने से किसान अब आसानी से अपनी उपज मंडी तक पहुंचा पा रहे हैं। बच्चों का स्कूल आना-जाना सरल हुआ है। साथ ही स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच भी बेहतर हुई है। जरूरत पड़ने पर एंबुलेंस सीधे गांव तक पहुंच जाती है। सहरिया परिवारों के अनुसार यह सड़क केवल रास्ता नहीं, बल्कि गांव के लिए विकास और नई उम्मीद का माध्यम बनी है। छोटी-सी बस्ती आदिवासीपुरा के लिए यह सड़क महज डामर और पत्थर का टुकड़ा नहीं है। यह उनके लिए उम्मीद की वह राह है, जो उन्हें देश की मुख्यधारा से जोड़ती है। सहरिया जन कहते हैं कि इस सड़क ने हमारी जिंदगी बदल दी है।