राज्य
08-May-2026
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• एम्स भोपाल में 4 से 10 मई 2026 तक अग्नि सुरक्षा जागरूकता सप्ताह का आयोजन राष्ट्रीय पहल के तहत किया जा रहा है, जिसकी थीम “सुरक्षित विद्यालय, सुरक्षित अस्पताल एवं अग्नि सुरक्षा के प्रति जागरूक समाज” है। • इसके तहत एम्स भोपाल में व्यापक प्रशिक्षण सत्र और व्यावहारिक प्रदर्शन आयोजित किए गए। • भोपाल नगर निगम के फायर कंसल्टेंट एवं कंट्रोल रूम इंचार्ज श्री शक्ति सिंह द्वारा स्टाफ को अग्नि सुरक्षा के मूल सिद्धांत और अग्निशामक उपकरणों के उपयोग का प्रशिक्षण दिया गया। • आईपीडी क्षेत्र में फायर स्प्रिंकलर सिस्टम का लाइव प्रदर्शन तथा पब्लिक एड्रेस सिस्टम के माध्यम से सतत जागरूकता सुनिश्चित की गई। • ओपीडी क्षेत्र में मॉक ड्रिल के दौरान कर्मचारियों और आम जनता को अग्निशामक यंत्रों के उपयोग का व्यावहारिक प्रशिक्षण मिला। • फायर ब्रिगेड प्रतिक्रिया और फायर हाइड्रेंट प्रणाली का प्रदर्शन कर प्रभावी अग्नि नियंत्रण उपायों को समझाया गया। • निजी वार्ड में मरीजों की सुरक्षित निकासी का अभ्यास किया गया तथा “कोड रेड” प्रोटोकॉल का पालन किया गया। • वेबिनार और ट्रॉमा ओटी प्रशिक्षण के माध्यम से क्रिटिकल केयर क्षेत्रों में अग्नि सुरक्षा और आपातकालीन प्रबंधन पर विशेष जोर दिया गया। भोपाल (ईएमएस) । एम्स भोपाल लगातार स्वास्थ्य सेवाओं में गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों को सुदृढ़ करने की दिशा में कार्य कर रहा है। इसी क्रम में अग्नि सुरक्षा जागरूकता सप्ताह 2026 के दौरान संस्थान में व्यापक प्रशिक्षण सत्रों और व्यावहारिक प्रदर्शनों का आयोजन किया गया, जिसका उद्देश्य अस्पताल कर्मियों की अग्नि सुरक्षा और आपातकालीन प्रतिक्रिया क्षमता को और अधिक मजबूत करना रहा। कार्यक्रम की शुरुआत भोपाल नगर निगम के फायर कंसल्टेंट एवं कंट्रोल रूम इंचार्ज श्री शक्ति सिंह द्वारा संचालित प्रशिक्षण सत्र से हुई, जिसमें नर्सिंग स्टाफ, हाउसकीपिंग कर्मियों, इंजीनियरिंग टीम और अन्य सहयोगी कर्मचारियों ने सक्रिय भागीदारी की। इस दौरान अग्नि सुरक्षा के मूल सिद्धांत, आग के खतरों की पहचान तथा अग्निशामक उपकरणों के सही उपयोग के बारे में जानकारी दी गई। इसके पश्चात आईपीडी क्षेत्र में फायर स्प्रिंकलर सिस्टम का लाइव प्रदर्शन किया गया। इसके साथ ही, सार्वजनिक उद्घोषणा प्रणाली (पब्लिक एड्रेस सिस्टम) के माध्यम से लगातार घोषणाएँ की जाती रहीं, जिनमें मरीजों और आगंतुकों को यह जानकारी दी गई कि ये प्रदर्शन और प्रशिक्षण गतिविधियाँ नियमित सुरक्षा कार्यक्रम का हिस्सा हैं, ताकि किसी प्रकार की अफरा-तफरी न हो। इसके बाद ओपीडी क्षेत्र में फायर मॉक ड्रिल आयोजित की गई, जिसमें एम्स भोपाल के कर्मचारियों ने सक्रिय रूप से भाग लिया और आम जनता ने भी इसे गहरी रुचि के साथ देखा। अनेक उपस्थित लोगों को विभिन्न प्रकार के अग्निशामक यंत्रों — जिनमें CO₂, फोम और ड्राई केमिकल पाउडर प्रकार शामिल हैं — के संचालन का व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया गया। अनुकरणीय आपातकालीन परिदृश्यों (सिमुलेटेड इमरजेंसी सिनेरियो) के माध्यम से प्रतिभागियों को वास्तविक समय में अग्नि प्रतिक्रिया तकनीकों का अभ्यास करने का अवसर मिला। इसके अतिरिक्त, आग लगने की स्थिति में प्रभावी अग्नि नियंत्रण उपायों को प्रदर्शित करने के लिए फायर ब्रिगेड की प्रतिक्रिया और फायर हाइड्रेंट प्रणाली का प्रदर्शन भी किया गया। इसके उपरांत, अस्पताल भवन की तीसरी मंजिल पर स्थित निजी वार्ड में मरीजों की सुरक्षित निकासी का मॉक ड्रिल आयोजित किया गया। इस ड्रिल में विशेष रूप से उन मरीजों के लिए सुरक्षित और व्यवस्थित निकासी प्रक्रियाओं पर बल दिया गया, जिन्हें सहायता की आवश्यकता होती है। प्रतिभागियों को निकासी प्राथमिकता निर्धारण, निकासी सहायक उपकरणों के उपयोग तथा समन्वित आपातकालीन प्रतिक्रिया के संबंध में प्रशिक्षित किया गया। इस दौरान एनएबीएच मानकों के अनुरूप “कोड रेड” प्रोटोकॉल को सक्रिय और निष्क्रिय किया गया। दोपहर में चिकित्सा अधीक्षक कार्यालय के बोर्डरूम में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा आयोजित वेबिनार में सहभागिता की गई, जिसमें आईसीयू, एनआईसीयू, पीआईसीयू और ऑपरेशन थिएटर जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में अग्नि सुरक्षा उपायों और निकासी रणनीतियों पर चर्चा की गई। इस सत्र ने अग्नि आपात स्थितियों के प्रबंधन में मूल्यवान जानकारी प्रदान की और तैयारी तथा अंतर-विभागीय समन्वय के महत्व को रेखांकित किया। इसके बाद ट्रॉमा ओटी क्षेत्र में अतिरिक्त प्रशिक्षण सत्र आयोजित कर कर्मचारियों के कौशल को और सुदृढ़ किया गया। पूरे कार्यक्रम के दौरान डॉ. राघवेंद्र कुमार विदुआ (नोडल अधिकारी, अग्नि सुरक्षा), डॉ. शीतल कोटगिरवार (सह-अध्यक्ष, सुरक्षा समिति), डॉ. लक्ष्मी प्रसाद, प्रमुख (क्वालिटी सेल) तथा श्री अमित सिंह तोमर (जूनियर इंजीनियर) एवं प्रभारी अग्नि सुरक्षा विभाग सक्रिय रूप से उपस्थित रहे और सभी गतिविधियों का मार्गदर्शन किया। टीम ने कार्यपालक निदेशक एवं सीईओ प्रो. (डॉ.) माधवानन्द कर के मार्गदर्शन और सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया। दूसरे दिन की सभी गतिविधियाँ सफलतापूर्वक संपन्न हुईं, जिसमें स्वास्थ्यकर्मियों, सुरक्षा कर्मियों, हाउसकीपिंग स्टाफ, मरीजों और उनके परिजनों की सक्रिय भागीदारी रही, जिससे अस्पताल में एक सुरक्षित और सजग वातावरण को बढ़ावा मिला। ईएमएस/08 मई2026