- रेडक्रॉस समाज मे सेवा व सहयोग की भावना को मजबूत करता है- डीडीसी मधुबनी, (ईएमएस)। भारतीय रेडक्रॉस सोसाइटी की स्थापना दिवस के अवसर पर शुक्रवार को मधुबनी जिला रेडक्रॉस सोसाइटी में स्थापना दिवस मनाया गया। कार्यक्रम में समाजसेवा, मानवता एवं आपदा के समय रेडक्रॉस की भूमिका पर विस्तार से चर्चा की गई। वक्ताओं ने कहा कि रेडक्रॉस संस्था वर्षों से जरूरतमंदों की सहायता, स्वास्थ्य सेवा, रक्तदान एवं आपदा राहत कार्यों में महत्वपूर्ण योगदान देती आ रही है। कार्यक्रम में उपस्थित अतिथियों ने रेडक्रॉस के इतिहास और उसके उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इस संस्था की स्थापना मानव सेवा के उद्देश्य के लिए की गई थी। रेडक्रॉस की शुरुआत वर्ष 1863 में स्विट्जरलैंड में हुई थी। युद्ध, प्राकृतिक आपदा और अन्य संकट की घड़ी में पीड़ित मानवता की सहायता करना इसका मुख्य उद्देश्य रहा है। भारत में भी रेडक्रॉस सोसाइटी वर्षों से स्वास्थ्य, रक्तदान, राहत एवं सामाजिक सेवा के क्षेत्र में सक्रिय भूमिका निभा रही है। इस अवसर पर उप विकास आयुक्त सुमन कुमार साहु ने रेडक्रॉस के संस्थापक हेनरी डुआंट के मूर्ति पर माल्यार्पण कर कहा कि रेडक्रॉस समाज में सेवा और सहयोग की भावना को मजबूत करने का कार्य करता है। उन्होंने युवाओं से अधिक से अधिक संख्या में रेडक्रॉस से जुड़कर मानव सेवा में योगदान देने की अपील की। कार्यक्रम में रेडक्रॉस सोसाइटी के उपाध्यक्ष डॉ. गिरीश पांडेय ने संस्था की गतिविधियों और उपलब्धियों की जानकारी दी। वहीं प्रो. नरेंद्र नारायण सिंह निराला ने कहा कि मानवता की सेवा ही सबसे बड़ा धर्म है और रेडक्रॉस इसी भावना के साथ लगातार कार्य कर रहा है। डॉ. विनय विश्वन्धु, हिमांशु कुमार, उदय जायसवाल, अधिवक्ता ऋषिदेव सिंह सहित कई गणमान्य ने भी अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि समाज के हर वर्ग को जरूरतमंदों की सहायता के लिए आगे आना चाहिए। कार्तिक कुमार/संतोष झा- ०८ मई/२०२६/ईएमएस