- क्लॉथ मार्केट वैष्णव स्कूल में हेलो समर शिविर का शुभारंभ, मोबाइल की आभासी दुनिया से बाहर निकलेंगे बच्चे :: इंदौर (ईएमएस)। ग्रीष्मकालीन अवकाश की आहट के साथ ही बच्चों के चेहरों पर मुस्कान और उत्साह की लहर दौड़ गई है। राजमोहल्ला स्थित प्रतिष्ठित क्लॉथ मार्केट वैष्णव हायर सेकेंडरी स्कूल में गुरुवार को समर कैंप ‘हेलो समर-2026’ का भव्य शुभारंभ हुआ। यह आयोजन केवल मनोरंजन तक सीमित न रहकर बच्चों के सर्वांगीण विकास और संस्कारों के सिंचन का केंद्र बनेगा। समारोह का शुभारंभ पारंपरिक परिवेश में भगवान गणेश एवं विद्या की अधिष्ठात्री माँ सरस्वती के पूजन-वंदन और माल्यार्पण से हुआ। इस गरिमामय अवसर पर पीटीए सचिव रुक्मणी दरकजी सहित बड़ी संख्या में जागरूक अभिभावक उपस्थित रहे। नन्हे-मुन्ने विद्यार्थियों ने जब मंच पर मनमोहक नृत्य प्रस्तुत किया, तो पूरा परिसर तालियों की गड़गड़ाहट से गूँज उठा। इसके पश्चात प्राचार्य नवीन मुद्गल ने रंग-बिरंगे गुब्बारे आकाश की ओर छोड़कर शिविर का औपचारिक उद्घाटन किया। संस्था की प्रबंध समिति के सचिव मनीष बाहेती ने आधुनिक जीवनशैली पर गंभीर विमर्श करते हुए कहा कि वर्तमान में बचपन मोबाइल, टेलीविजन और कंप्यूटर की स्क्रीन तक सिमट गया है। हमारा उद्देश्य बच्चों को तकनीक के इस एकाकीपन से मुक्त कर खेल के मैदानों तक लाना है। शारीरिक गतिविधियों से न केवल शरीर पुष्ट होगा, बल्कि टीम भावना का भी विकास होगा। उल्लेखनीय है कि इस शिविर को ‘बाल-संस्कार’ का नाम दिया गया है, ताकि आधुनिकता के दौर में नई पीढ़ी अपनी जड़ों और नैतिक मूल्यों से जुड़ी रहे। विद्यालय के अध्यक्ष देवेन्द्र नागर एवं सचिव मनीष बाहेती ने विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए बताया कि शिक्षा के लोकहितकारी स्वरूप को देखते हुए इस कैंप को पूर्णतः निःशुल्क रखा गया है। इसमें वैष्णव विद्यालय सहित किसी भी शिक्षण संस्थान के विद्यार्थी सहभागिता कर सकते हैं। शिविर के प्रति आकर्षण का अनुमान इसी बात से लगाया जा सकता है कि प्रथम चरण में ही पंजीकरण का आंकड़ा 350 के पार पहुँच गया है। आगामी दिनों में विद्यार्थी अनुभवी प्रशिक्षकों के सान्निध्य में बास्केटबॉल, कराटे, स्केटिंग, हैंडबॉल, कबड्डी एवं खो-खो जैसे मैदानी खेलों का अभ्यास करेंगे। साथ ही योग, एरोबिक्स और स्काउटिंग के माध्यम से स्वास्थ्य व अनुशासन के गुर सीखेंगे। रचनात्मकता को बढ़ावा देने के लिए संगीत, कंप्यूटर, आर्ट एंड क्राफ्ट एवं चित्रकला की विशेष कक्षाएं भी आयोजित की जा रही हैं। प्राचार्य नवीन मुद्गल ने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि जिस प्रकार गुब्बारा आकाश की ऊँचाइयों को लक्ष्य बनाता है, उसी प्रकार विद्यार्थी भी पुरुषार्थ के बल पर सफलता के शिखर को छुएं। अंत में प्राचार्य ने सभी प्रशिक्षकों का परिचय कराया और बच्चों को खेल भावना के साथ सीखने का संकल्प दिलाया। प्रकाश/08 मई 2026