क्षेत्रीय
08-May-2026
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- स्वास्थ्य कार्यक्रमों के क्रियान्वयन में नहीं मिली संतोषजनक प्रगति - एएनसी पंजीयन में भी पिछड़ा बैहर विकासखंड बालाघाट (ईएमएस). कलेक्टर मृणाल मीना 8 मई को स्वास्थ्य एवं महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारियों की बैठक लेकर स्वास्थ्य तथा बच्चों व महिलाओं से जुडी योजनाओं एवं कार्यक्रमों की प्रगति की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने दोनो विभागों के अधिकारियों को विभागीय योजनाओं एवं कार्यक्रमों का प्रभावी क्रियान्वयन करने के निर्देश दिये। स्वास्थ्य कार्यक्रमों के क्रियान्वयन में संतोषजनक प्रगति नही पाये जाने पर कलेक्टर मीना ने बिरसा एवं बैहर के बीएमओ का 2 दिन का वेतन काटने के निर्देश दिये। उन्होंने सभी बीएमओ एवं बीपीएम को निर्देशित किया कि फिल्ड में काम करने वाले सभी एएनएम, सीएचओ एवं अन्य स्वास्थ्य कर्मियों की उपस्थिति सार्थक एप्प से दर्ज की जाए और इसी के आधार पर उनका वेतन आहरण किया जाए। बैठक में सर्वप्रथम स्वास्थ्य विभाग के कार्यों की समीक्षा की गई। गर्भवती माताओं के एएनसी पंजीयन की समीक्षा के दौरान पाया गया कि विकासखंड बैहर की प्रगति संतोषजनक नही है। बीएमओ लामता एवं लालबर्रा के अंतर्गत एनीमिया से ग्रसित गर्भवती माताओं का चिन्हांकन लक्ष्य के अनुरूप नही हो रहा है। कलेक्टर मीना ने सभी गर्भवती माताओं का अनमोल पोर्टल पर पंजीयन करने एवं उनकी नियमित एएनसी जांच सुनिश्चित करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि कोई भी गर्भवती माता अनमोल पोर्टल पर पंजीयन से नही छुटना चाहिए। कुल पंजीकृत गर्भवती माताओं में 25 प्रतिशत एनीमिक पायी जाती है, ऐसी गर्भवती माताओं के सुरक्षित प्रसव का उचित प्रबंध सुनिश्चित किया जाए। महिला एवं बाल विकास विभाग की योजनाओं की समीक्षा के दौरान सबसे पहले प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना की प्रगति पर चर्चा की गई। इस दौरान कलेक्टर ने इस योजना का अधिक से अधिक पात्र महिलाओं का पंजीयन कर उन्हें लाभान्वित करने के निर्देश दिये और कहा कि कोई भी पात्र महिला इसके लाभ से वंचित नही रहना चाहिए। कुपोषित बच्चों के चिन्हांकन एवं उपचार की समीक्षा के दौरान निर्देशित किया गया कि इस कार्य को गंभीरता के साथ किया जाए। किरनापुर पीओ का भी काटा जाएगा वेतन कलेक्टर ने सभी आंगनवाडी पर्यवेक्षकों को निर्देशित किया कि वे अपना कार्य जिम्मेदारी के साथ करे और अपने क्षेत्र के आंगनवाडी केंद्रो का सतत भ्रमण कर आंगनवाडी की सेवाओं पर निगरानी रखे। जो सुपरवाईजर संतोषजनक कार्य नही करेगी उनके विरूद्ध कार्यवाही की चेतावनी दी गई। किरनापुर की बाल विकास परियोजना अधिकारी के बिना अवकाश स्वीकृत कराये अवकाश पर चले जाने पर नाराजगी जाहिर की गई और उनका नो-वर्क-नो-पे के आधार पर वेतन काटने के निर्देश दिये गए। भानेश साकुरे / 08 मई 2026