क्षेत्रीय
08-May-2026
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- डीएम ने कहा- गौवंश सड़कों पर नजर आए तो तय होगी जिम्मेदारी अलीगढ़ (ईएमएस)। जिलाधिकारी अविनाश कुमार की अध्यक्षता में शुक्रवार को कलैक्ट्रेट सभागार में आयोजित गौवंश संरक्षण एवं भरण-पोषण अनुश्रवण समिति की बैठक में जनपद में संचालित गौ आश्रय स्थलों की व्यवस्थाओं की गहन समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि शासन की मंशा के अनुरूप गौवंश संरक्षण कार्यों में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और निराश्रित गौवंश सड़कों पर विचरण करते दिखाई नहीं देने चाहिए। बैठक में मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ0 दिवाकर त्रिपाठी ने बताया कि जिले में वर्तमान में 32,249 गौवंश संरक्षित हैं। इनके लिए 90 अस्थायी गौ आश्रय स्थलों के साथ-साथ 5 वृहद गौ संरक्षण केंद्र संचालित किए जा रहे हैं। इसके अतिरिक्त 5 नए वृहद गौ आश्रय स्थल भी संचालन के लिए पूरी तरह तैयार हैं, जिनमें से दो का लोकार्पण मा० मंत्री जी द्वारा किया जा चुका है। जिलाधिकारी ने सभी खंड विकास अधिकारियों को निर्देशित किया कि निराश्रित गौवंश को तत्काल संरक्षण में लिया जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि कोई भी गौवंश खुले में इधर-उधर घूमता हुआ नजर न आए। उन्होंने कहा कि सभी गौशालाओं का नियमित निरीक्षण किया जाए और वहां उपलब्ध व्यवस्थाओं की सतत निगरानी रखी जाए। डीएम ने गर्मी के मौसम को देखते हुए गौ आश्रय स्थलों में विशेष व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि गौवंश को पर्याप्त मात्रा में हरा चारा, भूसा एवं स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराया जाए। बीमार एवं कमजोर गौवंश को अन्य पशुओं से पृथक रखते हुए उनका समयबद्ध उपचार कराया जाए ताकि किसी प्रकार की बीमारी न फैल सके। उन्होंने सभी उप जिलाधिकारियों को निर्देशित किया कि गौशालाओं की निर्धारित बिंदुओं पर जांच कर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करें, जिससे व्यवस्थाओं में और अधिक सुधार सुनिश्चित किया जा सके। जिलाधिकारी ने कहा कि गौ संरक्षण सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है और इसमें किसी भी स्तर पर शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी। ईएमएस / 08/05/2026