- सतर्कता एवं मॉनिटरिंग समिति की बैठक में लंबित प्रकरणों की समीक्षा, पीड़ितों को समय पर राहत राशि देने के निर्देश :: इंदौर (ईएमएस)। अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग के हितों के संरक्षण और उन्हें न्याय दिलाने के लिए जिला प्रशासन पूरी गंभीरता से कार्य कर रहा है। शुक्रवार को कलेक्टर कार्यालय में कलेक्टर शिवम वर्मा की अध्यक्षता में जिला स्तरीय सतर्कता एवं मॉनिटरिंग समिति की बैठक आयोजित की गई। इस महत्वपूर्ण बैठक में अनुसूचित जाति-जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन, पीड़ितों को राहत राशि के वितरण और विभिन्न स्तरों पर लंबित प्रकरणों की अद्यतन स्थिति की विस्तार से समीक्षा की गई। बैठक में सहायक आयुक्त अनुसूचित जाति-जनजाति कल्याण नरेन्द्र भिड़े सहित पुलिस और राजस्व विभाग के वरिष्ठ अधिकारी विशेष रूप से उपस्थित थे। कलेक्टर शिवम वर्मा ने बैठक को संबोधित करते हुए अधिकारियों को दो टूक निर्देश दिए कि अधिनियम के प्रावधानों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि पीड़ितों को दी जाने वाली राहत राशि उनके घावों पर मरहम का कार्य करती है, अतः पात्र हितग्राहियों को समय पर आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। कलेक्टर ने जांच अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रकरणों की विवेचना निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूर्ण की जाए और चालान समय पर माननीय न्यायालय में प्रस्तुत किए जाएं, ताकि दोषियों को कड़ी सजा दिलाई जा सके और समाज में न्याय का स्पष्ट संदेश जाए। विभागीय कार्यक्षमता पर चर्चा के दौरान बताया गया कि चालू वर्ष में अब तक अनुसूचित जाति-जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम के अंतर्गत दर्ज 104 मामलों में गंभीरता दिखाते हुए पीड़ितों को 18 करोड़ रुपए से अधिक की राहत राशि का वितरण किया जा चुका है। कलेक्टर ने संबंधित विभागों को हिदायत दी कि इस संवेदनशील विषय पर कार्यों को औपचारिक न समझते हुए पूरी जवाबदेही के साथ पूर्ण करें। उन्होंने लंबित प्रकरणों के त्वरित निराकरण के लिए पुलिस और कल्याण विभाग को बेहतर समन्वय स्थापित करने की बात भी कही, जिससे कानून का वास्तविक लाभ पात्र व्यक्तियों तक पहुंच सके। प्रकाश/08 मई 2026