नासिक, (ईएमएस)। महाराष्ट्र के बहुचर्चित टीसीएस में कथित धर्मांतरण मामले में फरार चल रही मुख्य आरोपी निदा खान को आखिरकार पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। नासिक और छत्रपति संभाजीनगर पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में गुरुवार को उसे छत्रपति संभाजीनगर से हिरासत में लिया गया। शुक्रवार को नासिकरोड कोर्ट में पेश किए जाने के बाद अदालत ने उसे 4 दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया। मामले की गंभीरता और सुरक्षा कारणों को देखते हुए सुनवाई इन-कैमरा की गई। सरकारी पक्ष की ओर से विशेष सरकारी वकील अजय मिसर ने पुलिस हिरासत की मांग की, जबकि बचाव पक्ष के वकीलों राहुल कासलीवाल और बाबा सैयद ने निदा खान के गर्भवती होने का हवाला देते हुए जमानत की मांग की। हालांकि अदालत ने यह मांग खारिज कर दी।पुलिस जांच में सामने आया है कि गिरफ्तारी से बचने के लिए निदा खान भिवंडी, मुंब्रा और छत्रपति संभाजीनगर में लगातार ठिकाने बदल रही थी। डिजिटल ट्रैकिंग के जरिए पुलिस ने उसकी लोकेशन का पता लगाया। जांच एजेंसियों का दावा है कि आरोपी के मोबाइल फोन से धर्मांतरण के लिए उकसाने वाले वीडियो और अन्य डिजिटल सबूत मिले हैं। डेटा रिकवर होने के बाद कई और खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।पुलिस के अनुसार, छत्रपति संभाजीनगर के नारेगांव क्षेत्र में स्थानीय नगरसेवक मतीन पटेल ने निदा खान को शरण दी थी। इस मामले में मतीन पटेल को भी सह-आरोपी बनाया गया है। * क्या है मामला? पीड़िता की शिकायत के अनुसार, उसकी मुलाकात 2022 में कॉलेज के दौरान दानिश शेख से हुई थी। दानिश ने उसे टीसीएस में नौकरी दिलाने का झांसा दिया। आरोप है कि अगस्त 2024 में वह उसे त्र्यंबक रोड स्थित एक रिसॉर्ट में ले गया और जबरन शारीरिक संबंध बनाए। शिकायत में कहा गया है कि दानिश शेख, तौसिफ अख्तर और निदा खान ने मिलकर पीड़िता पर धर्म परिवर्तन का दबाव बनाया और उसके धर्म को लेकर अपमानजनक बातें कहीं। पीड़िता ने आरोप लगाया कि उसे बुरखा पहनने, नमाज पढ़ने और हिजाब अपनाने के लिए प्रेरित किया गया। उसका नाम बदलकर “हनिया” रखने की भी कोशिश की गई। जांच में मालेगांव और मलेशिया से जुड़े कुछ लिंक भी सामने आने की बात कही जा रही है। सरकारी वकील अजय मिसर ने बताया कि आरोपी के गर्भवती होने के कारण अदालत ने उसकी मां से दिन में दो बार मिलने और मेडिकल सहायता की अनुमति दी है। संतोष झा- ०८ मई/२०२६/ईएमएस