राज्य
08-May-2026


:: इंदौर पुलिस का स्टे सेफ ऑनलाइन सेमिनार : डिजिटल अनुशासन और साइबर सुरक्षा पर विशेषज्ञों ने दिया छात्राओं को मार्गदर्शन :: इंदौर (ईएमएस)। वर्तमान डिजिटल युग में सोशल मीडिया ने संवाद के नए अवसर तो दिए हैं, लेकिन इसके साथ ही मानसिक दबाव, असुरक्षा और भावनात्मक शोषण जैसी गंभीर चुनौतियां भी बढ़ी हैं। इन समस्याओं का सबसे बड़ा समाधान केवल कानूनी कार्रवाई नहीं, बल्कि जागरूकता, पारिवारिक संवाद और डिजिटल अनुशासन है। बच्चों को केवल मोबाइल चलाना नहीं, बल्कि डिजिटल डिसिप्लिन में रहना सिखाना आज की सबसे बड़ी आवश्यकता है। यह विचार पुलिस कमिश्नर संतोष कुमार सिंह ने शुक्रवार को इंदौर पुलिस कमिश्नरेट द्वारा आयोजित एक दिवसीय विशेष सेमिनार “Stay Safe Online - Be Aware Be Secure for women and girls” में व्यक्त किए। महिला अपराधों की रोकथाम और साइबर सुरक्षा के प्रति सजगता के उद्देश्य से आयोजित इस कार्यशाला में रेनैसां यूनिवर्सिटी और आईपीएस एकेडमी की छात्राओं सहित बड़ी संख्या में प्रतिभागी शामिल हुए। :: आभासी दोस्ती और डेटा चोरी के खतरों पर चर्चा :: सेमिनार में विशेषज्ञों ने बताया कि इंस्टाग्राम, स्नैपचैट और फेसबुक जैसे प्लेटफॉर्म पर वास्तविक पहचान छुपाकर भावनात्मक शोषण और साइबर ब्लैकमेलिंग की घटनाएं तेजी से बढ़ रही हैं। अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (क्राइम) आर.के. सिंह ने स्वागत उद्बोधन में सोशल मीडिया के सकारात्मक उपयोग और डिजिटल व्यवहार पर प्रकाश डाला। कार्यशाला के मुख्य वक्ता डॉ. दिव्यादित्य कोठारी ने नए साइबर कानूनों और शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया को सरल शब्दों में समझाया। वहीं, स्कूल ऑफ आर्किटेक्ट (आईपीएस एकेडमी) की प्राचार्य डॉ. मनीता सक्सेना ने आगाह किया कि कई मोबाइल ऐप्स उपयोगकर्ताओं का निजी डेटा चोरी कर लेते हैं। उन्होंने संदिग्ध डेटिंग प्लेटफॉर्म्स और असुरक्षित ऐप्स के खतरों के प्रति छात्राओं को सतर्क किया। :: निजता और प्राइवेसी सेटिंग्स का रखें ध्यान :: वरिष्ठ पत्रकार श्रीमती रचना जोरी ने सोशल मीडिया पर जिम्मेदार व्यवहार और प्राइवेसी सेटिंग्स के महत्व पर मार्गदर्शन दिया। सेमिनार के अंतिम चरण में एक विशेष पैनल डिस्कशन आयोजित किया गया, जिसमें एसीपी क्राइम नीलम कनोजे, एसीपी रूबिना मिजवानी और एसीपी निधि सक्सेना ने महिलाओं की गरिमा, सहमति और पीड़ित हितैषी कानूनी कार्यवाही पर विस्तृत चर्चा की। मंच संचालन और सोशल मीडिया ट्रेंड्स की जानकारी अति. पुलिस उपायुक्त (मुख्यालय) डॉ. सीमा अलावा द्वारा दी गई। :: पुलिस की अपील- हेल्पलाइन का करें उपयोग :: कार्यक्रम में छात्राओं को फेक प्रोफाइल, ऑनलाइन ब्लैकमेलिंग और डिजिटल फ्रॉड से बचने के व्यावहारिक तरीके सिखाए गए। पुलिस कमिश्नर ने अपील की कि किसी भी संदिग्ध ऑनलाइन गतिविधि या साइबर अपराध की सूचना तत्काल पुलिस और साइबर हेल्पलाइन पर दें। इस अवसर पर डीसीपी ज़ोन-02 अमन सिंह राठौड़, डीसीपी ज़ोन-04 सुनील मेहता सहित कई वरिष्ठ पुलिस अधिकारी और सामाजिक संस्था आस के सदस्य उपस्थित थे। प्रकाश/08 मई 2026