क्षेत्रीय
08-May-2026
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- कई बैंक खातों का खुलासा, जांच जारी - एटीएम, चेक और जमीन गिरवी रखवाकर वसूलता था ब्याज पर ब्याज सूदखोरी का साम्राज्य ध्वस्त, आरोपी को रिमांड पर लेकर पुलिस कर रही पूछताछ बालाघाट (ईएमएस). जिले के वारासिवनी क्षेत्र में सूदखोरी और जमीन के खेल का बड़ा खुलासा हुआ है। बिना लाइसेंस कर्ज का अवैध कारोबार चलाने वाले आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपी पर लोगों को ऊंचे ब्याज के जाल में फंसाने के साथ ही आदिवासी जमीनों की खरीद-फरोख्त में भी गड़बड़ी करने के गंभीर आरोप हैं। शुक्रवार को स्थानीय कंट्रोल रुम में पत्रकारों से चर्चा करते हुए एसपी आदित्य मिश्रा ने बताया कि वारासिवनी थाना पुलिस ने क्षेत्र में मिल रही शिकायतों पर कार्रवाई करते हुए सूदखोर सुनील अरोरा 45 वर्ष को गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया कि आरोपी बिना किसी वैध लाइसेंस के सूदखोरी का कारोबार संचालित कर रहा था। सूदखोर अरोरा लोगों को १० से १५ प्रतिशत तक के अत्यधिक ब्याज पर ऋण देता था और उनकी मजबूरी का फायदा उठाकर उन्हें कर्ज के जाल में फंसा देता था। इसके बाद वह एटीएम कार्ड, कोरे चेक, स्टांप पेपर, जमीन के दस्तावेज और अन्य महत्वपूर्ण कागजात अपने पास रखकर दबाव बनाता था। आदिवासी जमीनों की हुई खरीद-फरोख्त जांच में यह भी सामने आया है कि सूदखोर सुनील अरोरा बालाघाट, छिंदवाड़ा और वारासिवनी सहित अन्य क्षेत्रों में आदिवासी जमीनों को नियमों का उल्लंघन करते हुए कम दामों में खरीदता था। बताया जा रहा है कि वह जमीनें आदिवासी के नाम पर ही खरीदी जाती थीं और बाद में नाम परिवर्तन कराकर उन्हें ऊंचे दामों पर बेच दिया जाता था। एसपी ने बताया कि जमीन की खरीदी-बिक्री के मामले में पंजीयक से जानकारी जुटाई जा रही है। कर्ज के नाम पर शोषण और धमकी सूदखोर द्वारा पीडि़तों को डराकर और मानसिक दबाव बनाकर अवैध वसूली करता था। कई मामलों में चेक बाउंस के झूठे केस दर्ज कराने की भी जानकारी सामने आई है, जिससे पीडि़त आर्थिक और मानसिक रूप से टूट जाते थे। बैंक खातों की जांच जारी एसपी ने बताया कि सूदखोर सुनील अरोरा और उसके परिवार के करीब 6 से 7 बैंक खाते भी सामने आए हैं, जिनके माध्यम से लेन-देन किया जाता था। इन खातों की विस्तृत जांच की जा रही है, जिससे अवैध कमाई का पूरा नेटवर्क उजागर होने की संभावना है। भारी मात्रा में दस्तावेज जब्त पुलिस ने आरोपी के कब्जे से बड़ी संख्या में कोरे चेक, स्टांप पेपर, भूमि दस्तावेज, एटीएम कार्ड, मोबाइल फोन और अन्य सामग्री जब्त की है। जिनमें १५ ऋण पुस्तिका, १५३ कोरे चेक, १५ भूमि की रजिस्ट्री के दस्तावेज, २२ विभिन्न राशियों वाले कोरे स्टांप, ७ हस्ताक्षरयुक्त कोरे कागज, १ जाति प्रमाण पत्र (अनुसूचित जनजाति वर्ग), २ आधार कार्ड की छायाप्रति, १ एटीएम कार्ड, १ एलआईसी बॉण्ड, २ मोबाइल फोन, १ चौपहिया वाहन को जब्त किया गया है। दस्तावेजों के संबंध में सूदखोर से पूछताछ की जा रही है। आगे की कार्रवाई जारी एसपी ने बताया कि सूदखोर सुनील अरोरा की पहले ६ दिन की रिमांड ली गई थी, जिसके समाप्त होने के बाद उसे पुन: न्यायालय में पेश कर ४ दिन की रिमांड मांगी गई है। रिमांड पर लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। मामले में अन्य पीडि़तों और संभावित सहयोगियों की तलाश भी की जा रही है। भानेश साकुरे / 08 मई 2026