क्षेत्रीय
08-May-2026
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- प्रभारी कार्यपालन यंत्री पर ठेकेदारों को ब्लैकमेल कर वसूली के गंभीर आरोप, सिविल कांट्रेक्ट एसोसिएशन ने की लिखित शिकायत बालाघाट (ईएमएस). लोक निर्माण विभाग (भवन) में भ्रष्टाचार और कमीशनखोरी के गंभीर आरोपों ने विभागीय कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रभारी कार्यपालन यंत्री केके सिंगारे पर आरोप है कि वे अपने पद का दुरुपयोग कर ठेकेदारों को आर्थिक रूप से प्रताडि़त कर रहे हैं, भुगतान रोककर कमीशन की मांग कर रहे हैं और विरोध करने पर अनुबंध निरस्त करने व ब्लैकलिस्ट करने की खुली धमकी दे रहे हैं। मामला अब सीधे उच्च स्तर तक पहुंच चुका है। सिविल कांट्रेक्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष विजय गोस्वामी, जनरल सेके्रटरी मो. युनूस खान सहित अन्य ठेकेदारों का कहना है कि काम पूरा करने के बाद भी भुगतान रोक दिया जाता है और स्पष्ट तौर पर कमीशन की मांग की जाती है। भुगतान की बड़ी रकम विभाग में फंसी होने के कारण ठेकेदार मजबूरी में चुप रहने को विवश हो जाते हैं। ग्राम चंदन में निर्माणाधीन उप स्वास्थ्य केंद्र के ठेकेदार छोटूलाल ठाकरे ने आरोप लगाया कि विभाग के कहने पर तय राशि से अधिक कार्य कराया गया, जिसका मापन और सत्यापन भी हो चुका था। इसके बावजूद 1 लाख रुपये कमीशन की मांग की गई। विरोध करने पर करीब 10 लाख रुपये का भुगतान नॉन शेड्यूल आइटम बताकर रोक दिया गया। ठेकेदार का आरोप है कि उसे आर्थिक रूप से तोड़ा गया और दबाव बनाकर झुकाने की कोशिश की गई। पीपरझरी हाई स्कूल जांच टीम के नाम पर उगाही का आरोप रेलवे पीपरझरी में निर्माणाधीन हाई स्कूल भवन के मामले में भी गंभीर आरोप सामने आए हैं। ठेकेदार अंकुर अग्रवाल और उनके पार्टनर इंजीनियर आतिफ यूनुस के अनुसार, 6 अप्रैल को आई जांच टीम ने कार्य को संतोषजनक बताया था। इसके बाद आरोप है कि एसडीओ कमलेश मंडरा ने कार्यपालन यंत्री के हवाले से 50 हजार रुपये जांच खर्च के नाम पर मांगे। रकम नहीं देने पर अनुबंध निरस्त करने और भुगतान रोकने की धमकी दी गई। बताया गया कि दबाव में 20 हजार रुपये दिए गए, फिर भी करीब 15 लाख रुपये का भुगतान रोककर अनुबंध निरस्त कर दिया गया, जिससे पूरे मामले में प्रतिशोध की आशंका और गहरी हो गई है। ठेकेदारों का आरोप है कि कार्यपालन यंत्री खुलेआम कहते हैं नेताओं और अधिकारियों को मैं संभालता हूं, जहां शिकायत करनी है कर लो, मेरा कुछ नहीं बिगड़ेगा। ऐसे कथित बयानों से ठेकेदारों में भय और असुरक्षा का माहौल बन गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए ठेकेदारों ने सीधे लोक निर्माण विभाग के प्रमुख सचिव सुखबीर सिंह को लिखित शिकायत भेजी है। प्रमुख अभियंता और मुख्य अभियंता को भी अवगत कराया गया है। भानेश साकुरे / 08 मई 2026