नई दिल्ली (ईएमएस)। भीषण गर्मी के कारण जहरीले सांप अब जंगलों और खुले इलाकों से निकलकर घरों, बगीचों, गोदामों और स्टोर रूम जैसी ठंडी जगहों की ओर रुख कर रहे हैं। इससे लोगों के बीच डर और चिंता का माहौल बन गया है। खासतौर पर कोबरा और पाइथन जैसे खतरनाक सांपों के लगातार रेस्क्यू होने से खतरे को गंभीर माना जा रहा है। वन्यजीव विशेषज्ञों का कहना है कि गर्मी के मौसम में सांप अधिक सक्रिय हो जाते हैं। तेज तापमान से बचने के लिए वे छायादार और नम जगहों की तलाश करते हैं, जो अक्सर इंसानी बस्तियों के आसपास आसानी से मिल जाती हैं। इसी वजह से इन दिनों घरों के आसपास सांप दिखाई देने की घटनाएं बढ़ रही हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक वर्तमान समय में प्रतिदिन लगभग 20 से 25 सांपों का रेस्क्यू किया जा रहा है, जो स्थिति की गंभीरता को दर्शाता है। जानकारों का कहना है कि गर्मी का मौसम सांपों के प्रजनन का भी समय होता है। इस दौरान नर और मादा सांप एक-दूसरे की तलाश में ज्यादा सक्रिय रहते हैं और कई बार आबादी वाले इलाकों तक पहुंच जाते हैं। ऐसे में लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत है, क्योंकि थोड़ी सी लापरवाही भी जानलेवा साबित हो सकती है। विशेषज्ञों ने लोगों को सलाह दी है कि घर और आसपास साफ-सफाई बनाए रखें तथा झाड़ियां, लकड़ी, कबाड़ या कचरा जमा न होने दें। ऐसी जगहें सांपों के छिपने के लिए सुरक्षित मानी जाती हैं। इसके अलावा दरवाजों और खिड़कियों को विशेष रूप से रात के समय अच्छी तरह बंद रखने की सलाह दी गई है। रात में बाहर निकलते समय टॉर्च का उपयोग करना भी जरूरी बताया गया है, ताकि रास्ते में किसी भी खतरे को पहले ही देखा जा सके। गर्मियों में खुले में सोने से बचने और जमीन की बजाय ऊंचे बिस्तर का इस्तेमाल करने की भी सलाह दी गई है। घरों में रखे पानी के बर्तन, कूलर और गमलों के आसपास अतिरिक्त सावधानी बरतने को कहा गया है, क्योंकि ये स्थान ठंडे और नम होने के कारण सांपों को आकर्षित कर सकते हैं। बच्चों को भी जागरूक करने की जरूरत बताई गई है ताकि वे किसी अनजान जीव के पास जाने से बचें और तुरंत बड़ों को इसकी जानकारी दें। विशेषज्ञों ने स्पष्ट किया है कि यदि किसी घर या आसपास सांप दिखाई दे तो उसे पकड़ने या मारने की कोशिश नहीं करनी चाहिए। ऐसी स्थिति में तुरंत वन विभाग या प्रशिक्षित रेस्क्यू टीम को सूचना देना चाहिए। सुदामा/ईएमएस 09 मई 2026