- ड्रोन कैमरे से की जा रही निगरानी कोरबा (ईएमएस) कोरबा जिले के जंगल हाथियों की चिंघाड़ से थर्रा रहे हैं। ग्रामीणों में दहशत व्याप्त है। हाथियों के विचरण से तेंदूपत्ता संग्रहण पर भी प्रभाव पड़ रहा है। वन विभाग ने ग्रामीणों को हाथियों के विचरण क्षेत्र में नहीं जाने कहा है। इस क्षेत्र में पहले भी हाथियों के हमले की घटनाएं हो चुकी है। इसकी वजह से टीम ड्रोन कैमरे से भी निगरानी की जा रही है। वन मंडल कोरबा के कुमुरा रेंज में हाथियों की संख्या चार हो गई है। एक दंतैल धरमजयगढ़ वन मंडल से पहुंचा है। हाथियों ने चिर्रा में छह किसानों की धान की फसल को चौपट कर दिया है। वन विभाग ने आस-पास के गांवों में अलर्ट जारी कर दिया है। कटघोरा वन मंडल में घूम रहे 46 हाथी अभी शांत हैं। कुदमुरा रेंज के गीतकुंवारी में पहले से ही एक दंतैल हाथी घूम रहा था। दो दिन पहले ही दो मादा हाथी आने से संख्या तीन हो गई है। इसके बाद एक और दंतैल पहुंचा है। सबसे अधिक खतरा दंतैल हाथियों से ही है। भोजन की तलाश में कभी भी गांव में घुस जाते हैं। अभी इस क्षेत्र में नाला किनारे ग्रामीण ग्रीष्मकालीन धान की फसल लेते हैं, जिसे हाथी नुकसान पहुंचा रहे हैं। हाथियों के सिमकेदा की ओर जाने की संभावना बनी हुई है। इसके अलावा लबेद और एलांग में भी अलर्ट जारी किया गया है। इन क्षेत्रों में तेंदू पत्ता संग्रहण का काम प्रभावित हो गया है। - 09 मई