नई दिल्ली (ईएमएस)। दुनिया अभी कोविड-19 महामारी के असर से पूरी तरह उबर भी नहीं है कि अब हंतावायरस के एक खतरनाक स्ट्रेन ने स्वास्थ्य एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है। दक्षिण अमेरिका से रवाना हुए एक क्रूज शिप पर फैले संक्रमण के बाद कई देशों में अलर्ट जारी हुआ है। बताया जा रहा है कि संक्रमित यात्री करीब 12 देशों में पहुंच चुके हैं, जिससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर निगरानी तेज की गई है। रिपोर्ट के अनुसार, अप्रैल में क्रूज शिप अर्जेंटीना के उशुआइया बंदरगाह से रवाना हुआ था। जहाज पर करीब 150 यात्री सवार थे। यात्रा के दौरान दो डच यात्री दक्षिण अमेरिका के एक कचरा क्षेत्र में पक्षी देखने गए, जहां उनका संपर्क संक्रमित चूहों से हुआ। माना जा रहा है कि यहीं से वायरस जहाज पर फैला। अब तक पांच मामलों की पुष्टि हुई है, जिनमें तीन लोगों की मौत हो चुकी है। विशेषज्ञों के मुताबिक, हंतावायरस आमतौर पर संक्रमित चूहों के मल-मूत्र, लार या उनके संपर्क में आने से फैलता है। लेकिन इस बार सामने आया “एंडीज स्ट्रेन” ज्यादा चिंताजनक माना जा रहा है। वैज्ञानिकों का कहना है कि यह वायरस खांसने, छींकने, किस करने या एक ही गिलास और स्ट्रॉ का इस्तेमाल करने से भी फैल सकता है। अध्ययन बताते हैं कि संक्रमित व्यक्ति के बेहद करीबी लोगों में संक्रमण का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। 24 अप्रैल को यह क्रूज शिप सेंट हेलेना द्वीप पर रुका था, जहां 29 यात्री उतर गए। उस समय तक संक्रमण की जानकारी सामने नहीं आई थी। बाद में ये यात्री कनाडा, अमेरिका, ब्रिटेन, नीदरलैंड, जर्मनी, तुर्की, सिंगापुर और न्यूजीलैंड समेत कई देशों में पहुंच गए। अब विभिन्न देशों की स्वास्थ्य एजेंसियां इन यात्रियों की पहचान कर उन्हें आइसोलेट करने और निगरानी में रखने की कोशिश कर रही हैं। हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि फिलहाल यह स्थिति कोविड जैसी वैश्विक महामारी में बदलने की संभावना कम है। प्रोफेसर का कहना है कि हंतावायरस नया नहीं है और दशकों से मौजूद है। वहीं प्रोफेसर के अनुसार, यह वायरस सामान्य फ्लू की तरह तेजी से नहीं फैलता क्योंकि संक्रमण के लिए अत्यधिक वायरल लोड और बेहद करीबी संपर्क जरूरी होता है। विशेषज्ञों ने आम लोगों से घबराने के बजाय सावधानी बरतने की अपील की है। चूहों वाले इलाकों से दूरी बनाए रखने, भोजन और पेय पदार्थ साझा न करने तथा बीमारी के लक्षण दिखने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करने की सलाह दी गई है। फिलहाल स्वास्थ्य एजेंसियां हालात पर करीबी नजर बनाए हुए हैं। आशीष/ईएमएस 09 मई 2026