20 गाड़ियों में पहुंचे अफसर ने पंजाब, दिल्ली, एनसीआर में खंगाले दस्तावेज नई दिल्ली(ईएमएस)। पंजाब सरकार के कैबिनेट मंत्री संजीव अरोड़ा और उनके करीबियों के ठिकानों पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बड़ी कार्रवाई शुरू की है। प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (पीएमएलए), 2002 के तहत की जा रही यह तलाशी पंजाब, दिल्ली और एनसीआर के विभिन्न हिस्सों में जारी है। ईडी की टीम संजीव अरोड़ा के आधिकारिक आवास सहित कुल पांच परिसरों पर छापेमारी कर रही है, जिसमें हैम्पटन स्काई रियल्टी लिमिटेड के कार्यालय भी शामिल हैं। राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने भी सोशल मीडिया के माध्यम से केंद्र पर निशाना साधा है। उन्होंने इस कार्रवाई को तमाशा बताते हुए कहा कि अगले दो-तीन दिनों तक फर्जी खबरें चलाई जाएंगी और उसके बाद जांच एजेंसियां खाली हाथ लौट जाएंगी। उन्होंने आरोप लगाया कि पंजाब की सरकार को बदनाम करने और विकास कार्यों को रोकने के लिए इन हथकंडों का इस्तेमाल किया जा रहा है। सूत्रों के अनुसार, यह पूरी कार्रवाई 100 करोड़ रुपये से अधिक के कथित मनी लॉन्ड्रिंग मामले से जुड़ी है। जांच एजेंसी का आरोप है कि मंत्री की कंपनी के माध्यम से मोबाइल फोन की फर्जी जीएसटी खरीद दिखाई गई और उसके बाद दुबई के रास्ते अवैध धन को वापस भारत लाने (राउंड ट्रिपिंग) का खेल खेला गया। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए चंडीगढ़ और दिल्ली-एनसीआर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। इस छापेमारी के बाद पंजाब की सियासत गरमा गई है। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए इसे अनैतिक गठबंधन करार दिया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा की एजेंसियां एक साल में तीसरी बार और एक महीने में दूसरी बार संजीव अरोड़ा के घर पहुंची हैं, जबकि पिछली जांचों में उन्हें कुछ भी हासिल नहीं हुआ। उन्होंने दोटूक लहजे में कहा कि पंजाब गुरुओं और शहीद भगत सिंह की धरती है, जो किसी के आगे नहीं झुकती। औरंगजेब और अंग्रेज भी इस धरती को नहीं झुका पाए थे, तो मोदी की चालें क्या काम करेंगी। वीरेंद्र/ईएमएस/09मई 2026