प्योंगयांग,(ईएमएस)। उत्तर कोरिया ने अपने संविधान में एक महत्वपूर्ण बदलाव किया है, इसके तहत यदि देश के सर्वोच्च नेता किम जोंग उन की हत्या होती है, तब स्वचालित रूप से परमाणु हमला किया जाएगा। इस नए प्रावधान का ऐलान गुरुवार को हुआ, जो किम जोंग उन की अमेरिका द्वारा संभावित हत्या की आशंकाओं से उपजा बताया जा रहा है। यह बदलाव 22 मार्च को किया गया था, जिसका उद्देश्य उनकी सुरक्षा को सुनिश्चित करना है। उ.कोरिया की परमाणु नीति के आर्टिकल 3 में स्पष्ट रूप से कहा गया है, दुश्मन सेना के हमले से अगर देश के परमाणु बलों के कमांड एंड कंट्रोल पर खतरा आता है तो परमाणु हमले को स्वचालित और तत्काल अंजाम दे दिया जाएगा। इस ऐलान के बाद किम जोंग उन या उनके करीबी नेतृत्व को निशाना बनाना बेहद जोखिम भरा हो गया है, क्योंकि इसका सीधा परिणाम परमाणु पलटवार होगा। विश्लेषकों का मानना है कि यह कदम ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की हत्या की आशंका से प्रेरित है, जैसा कि उत्तर कोरियाई मीडिया में उल्लेख किया गया है, हालांकि ईरान के नेता सकुशल हैं। किम जोंग उन को डर है कि अमेरिका ऐसे ही किसी हमले में उनकी हत्या कर सकता है, इसीलिए उन्होंने परमाणु बम का कार्ड खेला है। उत्तर कोरिया पहले से ही परमाणु हथियारों और अमेरिका तक मार करने वाली मिसाइलों से लैस है, जिससे उसके पड़ोसी देशों में इस ऐलान से चिंता और बढ़ गई है। यह प्रावधान तब आया है जब उत्तर कोरिया अपनी दक्षिणी सीमा पर नई और घातक तोपें तैनात कर रहा है। किम जोंग उन ने हाल ही में 155 एमएम की स्वचालित तोप के उत्पादन का निरीक्षण किया, जिसकी मारक क्षमता 60 किमी तक है और यह दक्षिण कोरिया की राजधानी सियोल को सीधे निशाना बना सकती है। इसके अलावा, उत्तर कोरिया ने हाल ही में अपने संविधान से एकीकरण शब्द हटाकर दक्षिण कोरिया को अपना मुख्य दुश्मन घोषित किया है। वर्तमान अनुमानों के अनुसार, उत्तर कोरिया के पास कम से कम 50 परमाणु बम हैं और वह 70 से 90 परमाणु बम बनाने के लिए पर्याप्त रेडियोधर्मी सामग्री रखता है। देश ने 30 से 60 परमाणु बमों को तैनात कर रखा है और अपने जखीरे को लगातार बढ़ा रहा है। इन कदमों से क्षेत्र में तनाव और गहरा गया है। आशीष दुबे / 09 मई 2026