राष्ट्रीय
09-May-2026


-बैंक खाते से निकालने गए 19 हजार रुपये, अपमान के बाद मिले 15 लाख रुपये क्योंझर,(ईएमएस)। ओडिशा के क्योंझर जिले के दियानाली गांव से हृदय विदारक घटना सामने आई है, जिसने पूरे देश को सोचने पर मजबूर कर दिया। 52 वर्षीय जीतू मुंडा ने अपनी मृत बहन कलरा का कंकाल कंधे पर रखकर बैंक ले जाने का बेहद दर्दनाक कदम उठाया था। जीतू अपनी बहन के बैंक खाते में जमा 19,400 रुपए निकालने पहुंचे थे, लेकिन बैंक मैनेजर ने जीतू से कहा कि बहन को लाने पर ही पैसा मिलेगा। अपनी बहन की मौत की बात बताने के बावजूद, जीतू का आरोप है कि मैनेजर ने यह शर्त रखी, जिसके बाद उन्होंने कब्र से बहन कलरा का कंकाल निकाला और तीन किलोमीटर दूर बैंक तक लेकर पहुंचे। जीतू और उनकी बहन कलरा, जो 26 जनवरी को बीमार होने के बाद चल बसी थीं, बेहद गरीबी में जीवन यापन कर रहे थे। कलरा ने पति की मौत के बाद एक बछड़ा बेचकर 19,400 रुपए ग्रामीण बैंक में जमा किए थे। उन्हें सरकार से मिलने वाले 1 हजार रुपए और 35 किलो चावल ही जीतू के साथ उनके गुजारे का एकमात्र सहारा था। जीतू का खुद का कोई काम नहीं है और वे एक जर्जर मकान में रहते थे जो कभी भी ढह सकता था। बहन की मौत के बाद, बैंक में जमा यह छोटी सी रकम ही उनके लिए आखिरी आस बची थी। लेकिन जब हृदय विदारक घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद जीतू मुंडा की जिंदगी बदल गई है। उन्हें विभिन्न सामाजिक संगठनों और राजनीतिक दलों से करीब 15 लाख रुपए की आर्थिक मदद मिल चुकी है। इसके अलावा, उनकी बहन के बैंक खाते में जमा 19,400 रुपए भी मिल गए हैं। एक साल पहले कलरा को मिले सरकारी घर में अब बिजली कनेक्शन भी लग गया है और जीतू मुंडा अब उसी घर में रह रहे हैं। इस मामले में जिम्मेदार बैंक मैनेजर ने कहा है कि उन्होंने जीतू से केवल आवश्यक दस्तावेज मांगे थे, न कि बहन के मृत शरीर लाने को कहा था। हालांकि, जीतू अपने दावे पर अडिग हैं कि मैनेजर ने जानबूझकर उनसे कहा था कि बहन को लेकर आओ, तभी पैसा मिलेगा, जबकि उन्हें बहन की मौत के बारे में बताया गया था। जांच में यह भी सामने आया है कि जीतू और कलरा पहले भी कई बार बैंक आए थे, और आखिरी बार वे 26 दिसंबर को 500 रुपए निकालने आए थे। आशीष दुबे / 09 मई 2026