* आधुनिक सुविधाओं से हर वर्ष 97 लाख श्रद्धालु कर रहे दर्शन, अमृत महोत्सव में दिखेगी 75 वर्षों की विकासगाथा * स्वच्छता, हरित ऊर्जा और ‘वेस्ट टू बेस्ट’ मॉडल के साथ नेट-ज़ीरो मंदिर बनने की दिशा में बढ़ रहा है सोमनाथ अहमदाबाद (ईएमएस)| प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की गरिमामयी उपस्थिति में सोमनाथ में भव्य ‘अमृत महोत्सव’ आयोजित होने जा रहा है। सोमनाथ के आधुनिकीकरण की 75 वर्षों की विकास यात्रा में पिछले दो दशकों के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सोमनाथ मंदिर ने “सुवर्ण युग” में प्रवेश किया है। श्री सोमनाथ ट्रस्ट के अध्यक्ष बनने के बाद से ही सोमनाथ के विकास का नया अध्याय शुरू हुआ। देश के 12 पवित्र ज्योतिर्लिंगों में प्रथम स्थान रखने वाले सोमनाथ मंदिर में प्रतिदिन 25 हजार से अधिक श्रद्धालु दर्शन करने पहुंचते हैं, जबकि हर वर्ष लगभग 97 लाख भक्त यहां ज्योतिर्लिंग के दर्शन करते हैं। बेहतर सड़क, रेल और एयर कनेक्टिविटी के साथ आधुनिक सुविधाओं ने तीर्थयात्रा को और सुगम बनाया है। श्रद्धालुओं के लिए सागर दर्शन सहित विभिन्न भवनों और आधुनिक सर्किट हाउस में उत्कृष्ट आवास एवं भोजन व्यवस्था उपलब्ध कराई गई है। समुद्र दर्शन पथ पर 16 फीट ऊंची हनुमानजी की प्रतिमा और 202 मारुति हाट प्रमुख आकर्षण बने हुए हैं। मंदिर में चढ़ाए गए गंगाजल को शुद्ध कर “सोमगंगा अभिषेक जल” के रूप में श्रद्धालुओं को प्रसाद स्वरूप वितरित किया जाता है। यहां का लाइट एंड साउंड शो भी श्रद्धालुओं के बीच विशेष आकर्षण का केंद्र बना है, जिसे पिछले तीन वर्षों में 10 लाख से अधिक लोगों ने देखा है। सोमनाथ यात्रा को सुगम बनाने के लिए 828 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित जेतपुर–सोमनाथ फोर लेन हाईवे ने यात्रा को आसान बनाया है। वहीं वंदे भारत एक्सप्रेस के संचालन से अहमदाबाद से सोमनाथ की यात्रा तेज और सुविधाजनक हो गई है। इसके अलावा केशोद एयरपोर्ट और राजकोट अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट के विकास से विदेशी पर्यटकों की पहुंच भी आसान हुई है। साल 2018 में ‘स्वच्छ आइकोनिक प्लेस’ का दर्जा प्राप्त करने वाला सोमनाथ आज ‘वेस्ट टू बेस्ट’ और सतत विकास का उदाहरण बन चुका है। मंदिरों में चढ़ने वाले फूलों से वर्मी कम्पोस्ट तैयार कर 1700 बिल्व वृक्षों के संरक्षण में उपयोग किया जा रहा है। मिशन लाइफ के तहत प्लास्टिक कचरे से हर महीने हजारों पावर ब्लॉक्स तैयार किए जा रहे हैं। जल संरक्षण और पर्यावरण सुरक्षा की दिशा में भी सोमनाथ ने उल्लेखनीय पहल की है। वर्षा जल संग्रहण, सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट और मियावाकी वन जैसे प्रयासों से मंदिर परिसर को नेट-ज़ीरो मॉडल की दिशा में विकसित किया जा रहा है। श्री सोमनाथ ट्रस्ट ने डिजिटल सेवाओं के माध्यम से देश-विदेश के श्रद्धालुओं को घर बैठे लाइव दर्शन, पूजा बुकिंग, अतिथि गृह आरक्षण और ऑनलाइन प्रसाद सेवा की सुविधा भी उपलब्ध कराई है। श्रद्धालु अब ऑनलाइन माध्यम से रुद्राभिषेक, ध्वजा पूजा, महापूजा सहित विभिन्न धार्मिक अनुष्ठानों की बुकिंग कर सकते हैं। आध्यात्मिकता, संस्कृति और आधुनिक सुविधाओं के समन्वय के साथ सोमनाथ आज वैश्विक पर्यटन एवं आस्था केंद्र के रूप में नई पहचान स्थापित कर रहा है। सतीश/09 मई