:: इंदौर में रजत जयंती वर्ष में आयोजित मालवा उत्सव में शामिल हुए मुख्यमंत्री; आयोजकों को 5 लाख की प्रोत्साहन राशि देने की घोषणा :: इंदौर (ईएमएस)। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि हमारे मेले और उत्सव केवल आयोजन मात्र नहीं हैं, बल्कि ये परस्पर मेल-मिलाप, आत्मीयता और देश की सांस्कृतिक एकता को पिरोने वाले सशक्त मंच हैं। मालवा की यह धरा प्राचीन काल से ही अपने माल और धमाल की विशिष्ट पहचान के लिए दुनिया भर में जानी जाती है। शनिवार को लोक संस्कृति मंच द्वारा आयोजित मालवा उत्सव के रजत जयंती वर्ष के गरिमामयी समारोह में मुख्यमंत्री मुख्य अतिथि के रूप में सम्मिलित हुए। इस दौरान उन्होंने देश के विभिन्न अंचलों से आए लोक कलाकारों की प्रस्तुतियों को देखकर प्रसन्नता व्यक्त की और कहा कि यहाँ का वातावरण ऐसा प्रतीत होता है मानो स्वर्गलोक साक्षात् इंदौर की धरती पर उतर आया हो। समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने आयोजन के प्रणेता सांसद शंकर लालवानी के प्रयासों की मुक्तकंठ से सराहना की। उन्होंने कहा कि 25 वर्षों की यह निरंतर यात्रा मालवा की लोक संस्कृति को सहेजने का एक बड़ा अनुष्ठान है। डॉ. यादव ने इस अवसर पर लोक संस्कृति मंच के उल्लेखनीय कार्यों को देखते हुए संस्था को 5 लाख रुपये की सम्मान निधि देने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने रेखांकित किया कि इस प्रकार के सांस्कृतिक आयोजनों का एक महत्वपूर्ण पहलू आर्थिक सुदृढ़ता भी है। इन मेलों के माध्यम से हस्तशिल्पियों, छोटे दुकानदारों, झूला संचालकों और फेरी लगाने वालों के अर्थतंत्र को प्रत्यक्ष रूप से मजबूती मिलती है, जिससे स्थानीय रोजगार के नए अवसर सृजित होते हैं। मुख्यमंत्री ने अपने प्रवास के दौरान मराठी समाज द्वारा आयोजित मैंगो जत्रा का भी विशेष उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि एक ओर रत्नागिरी के प्रसिद्ध हापुस आम की मिठास और दूसरी ओर मालवा उत्सव का यह सांस्कृतिक समन्वय, दोनों ही आयोजन सामाजिक सौहार्द के अनुपम प्रतीक हैं। कार्यक्रम स्थल पर मुख्यमंत्री का पारंपरिक रूप से आत्मीय स्वागत किया गया। मंच पर जब भांगड़ा, गरबा और बधाई जैसे लोक नृत्यों की मनमोहक प्रस्तुतियां हुईं, तो पूरा परिसर तालियों की गूंज से सराबोर हो उठा। यहाँ देश के विभिन्न राज्यों की कलाकृतियों और मालवी व्यंजनों के स्टॉल्स भी नागरिकों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। इस भव्य समारोह में जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट, सांसद शंकर लालवानी और जिला पंचायत अध्यक्ष रीना सतीश मालवीय विशेष रूप से मौजूद रहीं। साथ ही विधायक रमेश मेंदोला, मालिनी गौड़, मधु वर्मा, गोलू शुक्ला और श्रवण चावड़ा ने भी कार्यक्रम में सहभागिता की। प्रशासनिक अमले की ओर से संभागायुक्त डॉ. सुदाम खाड़े, पुलिस कमिश्नर संतोष कुमार सिंह, कलेक्टर शिवम वर्मा और नगर निगम आयुक्त क्षितिज सिंघल सहित अनेक वरिष्ठ अधिकारी एवं प्रबुद्ध जन उपस्थित थे। यह उत्सव न केवल कला का प्रदर्शन है, बल्कि लघु भारत की उस साझा संस्कृति का दर्शन है जो विविधताओं के बावजूद हम सभी को एक सूत्र में बांधे रखती है। प्रकाश/09 मई 2026