कई संस्थाओं पर अमेरिका ने लगाए आर्थिक प्रतिबंध हवाना,(ईएमएस) अमेरिका ने क्यूबा की सत्ता पर आर्थिक दबाव बढ़ाने के उद्देश्य से नई और कठोर पाबंदियों का ऐलान किया है। अमेरिकी प्रशासन का तर्क है कि ये प्रतिबंध क्यूबा की आम जनता के खिलाफ नहीं, बल्कि वहां के सत्ताधारी आर्थिक नेटवर्क को कमजोर करने के लिए लगाए गए हैं। इन पाबंदियों का मुख्य केंद्र जीएईएसए (गायसा) है, जो क्यूबा की सशस्त्र सेनाओं द्वारा संचालित एक विशाल कारोबारी साम्राज्य है। इसके साथ ही, कनाडा की प्रमुख कंपनी शेरिट इंटरनेशनल के संयुक्त उपक्रम मोआ निकल पर भी प्रतिबंध लगाए गए हैं। इस कार्रवाई के बाद शेरिट इंटरनेशनल ने क्यूबा से अपना 32 साल पुराना कारोबार समेटने की घोषणा कर दी है, जो द्वीप देश के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है। विशेषज्ञों ने इन कदमों पर गहरी चिंता जताई है। क्विंसी संस्थान के शोधकर्ता ली श्लेंकर के अनुसार, नई कानूनी शक्तियों के तहत अमेरिका अब तीसरे देशों की कंपनियों और नागरिकों पर भी कार्रवाई करने में सक्षम होगा। इसके तहत संबंधित कंपनियों की अमेरिकी संपत्तियां फ्रीज की जा सकती हैं और उनके निवेशकों व कर्मचारियों की अमेरिका यात्रा पर प्रतिबंध लग सकता है। अर्थशास्त्री का मानना है कि क्यूबा की अर्थव्यवस्था पहले से ही जर्जर स्थिति में है। जनवरी से ईंधन आपूर्ति में आई बाधाओं ने संकट को और बढ़ा दिया है। अब गायसा पर प्रहार होने से विदेशी साझेदार भी दूरी बना लेंगे, क्योंकि कोई भी कंपनी अमेरिकी बाजार और प्रतिबंधों का जोखिम नहीं उठाना चाहेगी। गायसा का क्यूबा की अर्थव्यवस्था में दबदबा जगजाहिर है। यह समूह खुदरा बाजार, होटल, ट्रैवल एजेंसी, कार रेंटल और वित्तीय संस्थानों समेत देश की जीडीपी के लगभग 40 प्रतिशत हिस्से को नियंत्रित करता है। इसका निर्माण 1990 के दशक में सोवियत संघ के पतन के बाद सैन्य ढांचे को मजबूत करने के लिए किया गया था। वर्तमान में इसकी प्रमुख अनिया गिलर्मिना लास्त्रेस को भी अमेरिकी ब्लैकलिस्ट में शामिल कर लिया गया है। दूसरी ओर, क्यूबा सरकार ने इन प्रतिबंधों को सामूहिक सजा करार देते हुए इसकी कड़ी निंदा की है। हवाना का कहना है कि अमेरिका राजनीतिक उद्देश्यों की पूर्ति के लिए क्यूबा की अर्थव्यवस्था को जानबूझकर पंगु बना रहा है। क्यूबा इस समय बिजली, पानी, ईंधन और खाद्य संकट के सबसे बुरे दौर से गुजर रहा है। ऐसे में इन नए प्रतिबंधों से वहां मानवीय संकट और अधिक गहराने की आशंका है। वीरेंद्र/ईएमएस 10 मई 2026