10-May-2026
...


लंदन (ईएमएस)। संयुक्त राष्ट्र (यूएन) ने एक चेतावनी जारी करते हुए दावा किया है कि कुछ देशों का अस्तित्व अगले 74 साल यानी वर्ष 2100 तक पूरी तरह खत्म हो सकता है। यदि ग्लोबल वार्मिंग पर तुरंत नियंत्रण नहीं किया गया, तो ये राष्ट्र इतिहास के पन्नों में सिमट कर रह जाएंगे। बढ़ते समुद्री जलस्तर के कारण ये देश और उनके बड़े इलाके डूबने की कगार पर हैं। वैज्ञानिकों और संयुक्त राष्ट्र की विभिन्न रिपोर्ट्स के अनुसार, ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन के कारण समुद्र का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। सबसे ज्यादा खतरा उन छोटे द्वीपीय देशों को है, जिनकी औसत ऊंचाई समुद्र तल से सिर्फ 1 से 3 मीटर ऊपर है। संयुक्त राष्ट्र ने ऐसे देशों की एक सूची जारी की है, जो आने वाले सालों में पूरी तरह पानी में समा सकते हैं। इनमें प्रमुख रूप से तुवालु, किरिबाती, मालदीव, मार्शल द्वीप और नाउरू शामिल हैं। तुवालु और किरिबाती के कई द्वीप पहले ही समुद्र में विलीन हो चुके हैं, और अनुमान है कि अगर वर्तमान रफ्तार जारी रही तो 2100 तक इन देशों का बड़ा हिस्सा या पूरा देश पानी में डूब सकता है। मालदीव दुनिया का सबसे कम ऊंचाई वाला देश है, जहां की 80 प्रतिशत से ज्यादा भूमि समुद्र तल से सिर्फ एक मीटर ऊपर है। पर्यटकों का स्वर्ग माने जाने वाले मालदीव के कई रिसॉर्ट द्वीप पहले ही खतरे में हैं। सरकार पहले से ही नई कृत्रिम द्वीप बनाने और लोगों को ऊंचे इलाकों में बसाने की योजना बना रही है ताकि इस संकट से निपटा जा सके। यह खतरा सिर्फ छोटे द्वीपीय देशों तक सीमित नहीं है, बल्कि बड़े देशों के तटीय क्षेत्र भी इसकी चपेट में हैं। बांग्लादेश भी बेहद जोखिम में है, क्योंकि देश का बड़ा हिस्सा गंगा-ब्रह्मपुत्र डेल्टा पर बसा है। बढ़ते जलस्तर और तूफानों से हर साल लाखों लोग प्रभावित होते हैं, और विशेषज्ञों का कहना है कि 2100 तक बांग्लादेश के तटीय क्षेत्रों में करोड़ों लोग बेघर हो सकते हैं। यूरोपीय देश नीदरलैंड (हॉलैंड) का एक तिहाई हिस्सा समुद्र तल से नीचे है। यहां की मजबूत बांध प्रणाली दुनिया प्रसिद्ध है, लेकिन अगर समुद्र का जलस्तर 1 मीटर से ज्यादा बढ़ा तो यहां भी बड़े पैमाने पर बाढ़ आ सकती है। थाईलैंड की राजधानी बैंकॉक भी डूबने वाले शहरों की लिस्ट में शामिल है, क्योंकि यह धीरे-धीरे धंस भी रहा है और समुद्री जलस्तर बढ़ने से 2100 तक इसके बड़े इलाके पानी में समा सकते हैं। अमेरिका का मियामी भी इसी लिस्ट में है, जहां कई जगहें समुद्र तल से बहुत नीची हैं। वैज्ञानिक चेतावनी दे रहे हैं कि 2100 तक मियामी के कई इलाके नियमित रूप से बाढ़ से प्रभावित रहेंगे। इटली का वेनिस तो पहले से ही डूबता शहर कहा जाता है और यहां हर साल एक्वा अल्टा (उच्च जलस्तर) की समस्या बढ़ रही है। अगर ग्लोबल वार्मिंग नहीं रुकी, तो वेनिस की ऐतिहासिक सुंदरता हमेशा के लिए खत्म हो सकती है। सुदामा/ईएमएस 10 मई 2026