वॉशिंगटन,(ईएमएस)। होर्मुज जलडमरूमध्य में अमेरिका और ईरान के बीच टकराव अब और गंभीर हो गया है। हाल ही में अमेरिकी सेना ने तीन ईरानी तेल टैंकरों पर कार्रवाई का खुलासा किया है, जिसके बाद ईरान ने भी अमेरिकी हमले में एक नागरिक जहाज को निशाना बनाने का आरोप लगाया है। इस घटना में एक नाविक की मौत हो गई और कई लापता हैं, जिससे दोनों देशों के बीच तनाव चरम पर पहुंच गया है। अमेरिकी नौसेना के लड़ाकू विमानों ने इन टैंकरों के स्मोकस्टैक पर सटीक हमले किए, जिससे वे निष्क्रिय हो गए। इससे पहले 6 मई को भी एमटी हसना नाम के एक अन्य ईरानी टैंकर को रोका गया था। अमेरिकी सेना का कहना है कि ये सभी कार्रवाई उसकी ‘ब्लॉकेड पॉलिसी’ का हिस्सा है और अब तक 50 से अधिक जहाजों को मोड़ा जा चुका है ताकि नाकेबंदी पूरी तरह लागू हो सके। हालांकि, इस घटनाक्रम का दूसरा पहलू भी है। ईरान ने आरोप लगाया है कि इसी अमेरिकी कार्रवाई के दौरान एक ईरानी नागरिक कार्गो जहाज भी हमले का शिकार हो गया। रिपोर्ट के मुताबिक, मिनाब काउंटी के पास हुए इस हमले में जहाज में आग लग गई, जिससे एक नाविक की जान चली गई और चार अन्य अब भी लापता हैं। ईरानी अधिकारियों ने इसे ‘अमेरिकी आक्रामकता’ बताते हुए कड़ी निंदा की है। बचाव दल लापता लोगों की तलाश में जुटे हुए हैं, और इस घटना ने दोनों देशों के बीच तनाव को और गहरा कर दिया है। यह ताजा टकराव ऐसे समय सामने आया है जब अमेरिका ने अप्रैल से ईरान के खिलाफ समुद्री नाकेबंदी लागू की हुई है। इस नाकेबंदी का मुख्य उद्देश्य ईरान के तेल निर्यात को रोकना है, जिसके कारण दर्जनों टैंकर फंसे हुए हैं और करोड़ों बैरल तेल की आपूर्ति बाधित हुई है। ईरान इस नाकेबंदी को गैरकानूनी करार देते हुए लगातार विरोध कर रहा है और जवाबी कार्रवाई की चेतावनी भी दे चुका है। होर्मुज में हाल के दिनों में अमेरिका और ईरान के बीच कई बार सीधी भिड़ंत, जिसमें मिसाइल और ड्रोन हमले भी शामिल हैं, देखी जा चुकी है। वीरेंद्र/ईएमएस 10 मई 2026